दिव्य महाराष्ट्र मंडल

मतदान के बाद ही पिकनिक पर निकले 'सहयोग' के वरिष्ठजन

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठजनों की संस्था 'सहयोग' की पिकनिक में सभी सदस्य मतदान करने के बाद ही पिकनिक पर जा पाए। आउटिंग में जाने की एकमात्र शर्त नगरीय निकाय चुनाव में वोट डालना था, जिसे सभी ने स्वीकार भी किया। इधर महाराष्ट्र मंडल के तीन दिवसीय मतदाता जागरूकता अभियान का काफी असर समीपस्थ मतदान केंद्रों में लोगों की कतारों के रूप में दिखाई दिया। 
 
'सहयोग' की अध्यक्ष अपर्णा कालेले ने बताया कि मंगलवार को सुबह 9:00 बजे महाराष्ट्र मंडल के पार्किंग स्थल पर पिकनिक में जाने वाले प्रत्येक सदस्यों ने पहले वोट डालने की पावती यानि उंगुली पर नीली स्याही का निशान दिखाया और फिर पिकनिक के तय शेड्यूल के हिसाब से नाश्ता किया। 
 
'सहयोग' के वरिष्ठ सदस्य श्याम सुंदर खंगन के अनुसार अहिवारा के रिजॉर्ट टेंशन फ्री में वरिष्ठजनों ने जमकर मस्ती की। स्विमिंग पूल में छलांगे लगाईं, फिसलपट्टी पर राइडिंग की। इन सब के बीच रिसोर्ट के प्रत्येक कर्मचारी की उंगलियों को चेक किया और जिसने भी मतदान नहीं किया था, उससे पहले वोट डालकर आने का आग्रह किया। पिकनिक पर गए 'सहयोग' के सभी 27 सदस्यों ने रिसोर्ट के बाद यही सब कुछ कुम्हारी के पिकनिक स्पॉट 'बड़े तरिया' में भी किया। वहां के लोगों और कर्मचारियों से भी मतदान करने की अपील की और समझाया कि यदि वह मतदान केंद्र में शाम 5:00 बजे तक पहुंच जाएंगे, तो चाहे जितनी भी लंबी कतार हो, कितना भी समय लगे, उन्हें वोट डालने का अवसर जरूर मिलेगा। 
 
 वरिष्ठ सदस्य दीपक पत्रीकार के अनुसार महाराष्ट्र मंडल के मतदाता जागरूकता अभियान में महाराष्ट्र मंडल की वरि़ष्ठजन सेवा समिति और 'सहयोग' के सदस्यों ने पूरे उत्साह से हिस्सा लिया था। पिकनिक से लौटने के बाद राजधानी में मतदान के प्रतिशत को लेकर चिंतित 'सहयोग' के सदस्यों ने कहा कि जिन लोगों ने मतदान नहीं किया, उनसे कम से कम शिक्षित, जागरूक, सक्रिय व समझदार हो कर मतदान करने की उम्मीद थी। मतदान को लेकर  लोगों में अधिक जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए समाजसेवी संस्थाओं को शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बहुत अधिक मेहनत करना होगा।