मानव सेवा प्रथम का ध्येय वाक्य महाराष्ट्र मंडल में हेगडेवार जी से आयाः डा. रमन
रायपुर। मैं यहां आया और सुना की मानव सेवा के इतने सारे कार्य महाराष्ट्र मंडल पिछले 90 सालों के कर रहा है तो सोचा कि ऐसा आखिर संभव कैसे है। मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने बताया कि 1935 विजयादशमी के दिन मंडल की स्थापना हुई और केशव बलीराम हेडगेवार की रायपुर आए थे, और उन्हीं की प्रेरणा थी मानव सेवा प्रथम। उक्ताशय के विचार विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने महाराष्ट्र मंडल में आयोजित महापौर और पार्षदों के सम्मान समारोह में कहीं।
डा. रमन ने आगे कहा कि महाराष्ट्र मंडल हेडगेवार जी के बताए मार्ग पर आज तक चल रहा है। उनकी प्रेरणा का ही परिणाम है कि महाराष्ट्र मंडल आज 90 वर्ष पूरा कर चुका है और शतायु की ओर अग्रसर है। कामकाजी महिलाओं, दिव्यांग बालिकाओं और गरीब बच्चों के लिए स्कूल के सफर को भी आज 40 साल से अधिक हो गए। आज यहां सालों बाद आया यहां की पार्किंग और हाल की बैठक व्यवस्था काफी अच्छी है। मैं यह कह सकता हूं कि रायपुर शहर में इनती अच्छी पार्किंग और शानदार हाल, सीटिंग एरेंजमेंट की व्यवस्था अन्य किसी सामाजिक भवन में नहीं होगी।
स्पीकर डा. रमन ने कहा कि पार्षद से लेकर अब तक के अपने सफर के अनुभव से वे कह सकते हैं कि सर्वाधिक कठिन चुनाव पार्षद का होता है। अगर आप पार्षद बन सकते हैं, तो कुछ भी बन सकते हैं। आपका भविष्य उज्जवल है। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के विकास की जिम्मेदारी महापौर सहित आप सभी की है। अपने- अपने वार्ड में विकास के हर कार्य करना, लेकिन कभी फौव्वारा मत लगाना। फौव्वारा पांच- सात दिन चलकर बंद हो जाता है। यह पैसे की बर्बादी भी है।