दिव्य महाराष्ट्र मंडल

फिजियोथैरेपी में मिल रही राहत... दर्द भूल.... मुस्कुराकर लौट रहे लोग

रायपुर। उम्र के एक पड़ाव में आने के बाद मनुष्य के शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती है, ऐसे में अगर छोटे-मोटे हादसे हो जाए तो फिर समस्या और बढ़ जाती है। मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी या हड्डियों में फ्रैक्चर के बाद अपने शरीर को पहले की भांति करने के लिए लोग डाक्टरी सलाह पर फिजियोथैरेपी कराने जाते है। ऐसे ही लोगों को महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर में आकर बड़ी राहत मिल रही है। यहां आने के बाद लोग अपने दर्द भूलकर मुस्कुराते हुए अपने घर लौट रहे है। 
 
जी.. हां...। महाराष्ट्र मंडल द्वारा सभी नागरिकों, जरूरतमंद लोगों- मरीजों को न्यूनतम फीस पर  अत्याधुनिक मशीनों के साथ फिजियोथेरेपी सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जहां सिद्धहस्त डाक्टर डा. अंकिता काले और डा. संगीता कश्यप की देखरेख में लोगों की फिजियोथैरेपी की जा रही है। सुबह 9 से शाम 4 बजे तक लोग यहां आ रहे है। 
 
15 दिनों में मिली राहतः मांडगे
महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे पीए मांडगे ने कहा कि बारिश के दिन में मैं घर से निकला। एक हाथ में छाता और एक हाथ में डायरी थी। मेरा पैर स्लीप हुआ और मैं पीछे की ओर गिर गया। जिसके कारण मेरे सोल्डर में चोट आई। मेरा हाथ ऊपर नहीं उठ रहा था। डाक्टरों को दिखाने के बाद थोड़ी राहत मिली लेकिन मेरा हाथ ऊपर तक नहीं उठ रहा था। दो महीने निजी फिजियोथैरेपी सेंटर जाकर फिजियो कराया, पर राहत नहीं मिली। फिर मेरे पड़ोसी शिलेदार ने मुझे महाराष्ट्र मंडल में आने की सलाह दी। उनकी सलाह पर मैं यहा आया। अब मेरा हाथ ऊपर तक उठ रहा है। मुझे यहां आकर काफी राहत मिली। 
 
जगदलपुर से ड्राइव करके पहुंचा रायपुरः नवीन 
महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में इलाज करना वाले आर्किटेक्टर नवीन शर्मा ने कहा कि मैं काफी दिनों से बैक पेन से काफी परेशान था। बहुत की दवाईयां खाई, डाक्टरों को दिखाया। सभी ने फिजियो कराने की सलाह दी। जिसके बाद मेरे मित्र श्यामसुंदर खंगन की सलाह पर मैं महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचा। यहां एक सप्ताह फिजियो लेने के बाद मैं अब काफी लंबे समय तक बैठ सकता हूं। अभी मैं जगदलपुर से गाड़ी चलाते हुए रायपुर पहुंचा। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। 
 
चलने में थी दिक्कत, अब राहतः शशांक
तात्यापारा रायपुर निवासी शशांक कोहले ने कहा कि मुझे चलने में काफी दिक्कत थी। डाक्टरों ने इस बीमारी को प्लांटर पेराइटिस बताया। इस परेशानी के चलते मैं लगड़ाकर चलता था। मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर की डाक्टर अंकिता काले ने मेरा फिजियो किया। जिससे मुझे काफी राहत मिली। 10 दिनों में बहुत की मामूली की फीस देकर मुझे काफी अच्छा इलाज मिला।