जितनी बड़ी सफलता, उतनी ही ज्यादा जिम्मेदारियां: काले
2025-05-11 06:30 PM
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0- बोर्ड परीक्षाओं में संत ज्ञानेश्वर स्कूल के ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम पर महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष की नसीहत
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के शिक्षक स्टाफ की बैठक में कहा कि जितनी बड़ी सफलता होती है, उतनी ही ज्यादा जिम्मेदारियां हम पर होती हैं। उन्होंने एसडीवी के समस्त स्टाफ को सीजी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में भूतपूर्व सफलता को लेकर बधाई दी और इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों के साथ उनकी मेहनत को भी दिया।
बताते चलें की सीजी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में एसडीवी की पूर्वी साहू ने 98% अंकों के साथ प्रवीण सूची में आठवां और वर्ष परिणाम 97.83 फ़ीसदी अंकों के साथ नौवा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह 12वीं की मेरिट लिस्ट में एसडीवी की रुचिका साहू ने सातवां स्थान हासिल किया है।ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए काले ने कहा कि सीजी बोर्ड अन्य किसी भी स्कूल एजुकेशन बोर्ड से काम नहीं है। यहां के बच्चे भी देश के सर्वोच्च संस्थाओं के उच्चस्थ पदों पर चयनित होते हैं, सेवाएं देते हैं।एसडीवी के छात्र ऐसे कई उदाहरण पेश करते हैं। ऐसे में हम जहां भी आते- जाते हैं, जहां भी हमारा उठना- बैठना है, वहां भी हम सीजी बोर्ड की शिक्षा पद्धति को पूरे विश्वसनीय तर्कों के साथ प्रतिष्ठित करें। इससे न केवल आम लोगों में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल को लेकर भरोसा बढ़ेगा, बल्कि एसडीवी की स्ट्रैंथ भी बढ़ेगी। शाला में विद्यार्थी दर्ज संख्या बढ़ाने की नैतिक जिम्मेदारी हमारी ही है।
अजय काले ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए हैं। इसका आशय यह भी है कि हम अपनी शिक्षकीय क्षमता में और निखार लाएं। अगले शिक्षा सत्र में बच्चों को पढ़ाने की हमारी शैली और कितनी बेहतर हो सकती है, उसे पर मंथन करें। इससे संबंधित ऑनलाइन क्लास अटेंड करें। सोशल मीडिया पर पढ़ाने के तरीकों के वीडियो देखें। जो विषय हम बच्चों को पढ़ाते हैं, उन विषयों को भी सतत पढ़ते रहें, ताकि क्लास रूम में पढ़ाने की हमारी दक्षता और भी सटीक हो सके।
मंडल अध्यक्ष के प्रेरक संबोधन से पहले एसडीवी प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने प्रस्तावना संबोधन में कहा कि शाला में नई योजनाओं को लेकर, नए कार्यक्रमों को लेकर, कक्षाओं में किए जाने वाले प्रयोगों को लेकर अगर उनके मन में कोई नए विचार आते हैं, तो उन्हें प्राचार्य के साथ, हम सभी के साथ साझा करें। अगर उसे धरातल पर लाना संभव हुआ, तो जरूर लाया जाएगा। इससे एसडीवी की ख्याति बढ़ेगी। नए- नए प्रयोगों के लिए पहचान भी बनेगी।अंत में शाला के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बैठक में उपस्थित सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया और बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए सभी को बधाई दी।