दिव्य महाराष्ट्र मंडल

रंग साधक अनिल कालेले रंग संस्कार सम्मान से अलंकृत

- छत्तीसगढ़ी नाटक और चित्र प्रदर्शनी ने दर्शकों को किया भावविभोर

रायपुर। जब कोई अपना जीवन समाज और संस्कार को समर्पित कर दें, तो न जाने कितने ही लोग आपके दिखाए रास्ते पर बढ़ते चले जाते हैं और सफलता के नए कीर्तिमार रचते हैं। राजधानी के एक ऐसे ही रंग साधक प्रो. अनिल श्रीराम कालेले, जिन्‍हें रंग संस्कार महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर रंग संस्कार सम्मान से अलंकृत किया गया। वरिष्ठ रंगकर्मी का सम्मान कर एक ओर जहां संस्कार भारती छत्तीसगढ़ ने खुद को गौरवान्वित महसूस किया, वहीं अनिल कालेले के आंखों में इस बात की संतृप्ति नजर आई कि रंग कर्मियों का भविष्य योग्‍य व अनुभवी हाथों में है। यह सम्मान उन्हें रंगमंच के प्रति दशकों से किए जा रहे योगदान, निर्देशन, शिक्षण और नाट्य संवेदना व सक्रियता के लिए प्रदान किया गया। संस्कार भारती के इस अभिनव प्रयास ने राज्य के समर्पित रंग कर्मियों को नई ऊर्जा और सम्मान की अनुभूति कराई।
 
संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव “रंग संस्कार रायपुर (द्वितीय वर्ष)” का शुभारंभ 16 मई को हुआ। यह महोत्सव रंग साधक स्वर्गीय अशोक चन्द्राकर की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी रंगमंच को अपनी प्रतिभा और समर्पण से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
 
कार्यक्रम का शुभारंभ देवी अहिल्याबाई होलकर चित्र प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुआ। इसमें 54 कलात्मक चित्रों के माध्यम से पुण्यश्लोका राजमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, संघर्ष, न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रदर्शनी 16 से 18 मई तक आमजन के लिए खुली रहेगी। इसमें हर वर्ग और आयु के दर्शक राजमाता के गौरवशाली जीवन से प्रेरणा ले सकते हैं।
 
प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर का जीवन भारतीय नारी शक्ति, सेवा और न्याय का प्रतीक है। यह प्रदर्शनी उनके जीवन दर्शन को जन- जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।” इस अवसर पर संस्कार भारती रायपुर महानगर अध्यक्ष शशांक शर्मा, संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत अध्यक्ष एवं प्रख्यात लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, मुख्‍य समन्‍वयक श्याम सुंदर खंगन, दिव्‍यांग बालिका विकास गृह प्रभारी प्रसन्न निमोणकर, वरिष्‍ठ रंग साधक आचार्य रंजन मोड़क, डॉ. केबी शर्मा सहित अनेक अतिथि उपस्थित थे।