दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महिलाओं के प्रति शिवाजी का सम्मान अनुकरणीय: पात्रीकर

0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज की हुई मासिक महाआरती में जुटे कई पदाधिकारी व सभासद 

रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज ने महिलाओं के खिलाफ दृढ़ता से उन पर हुई हिंसा या उत्पीड़न का विरोध किया था। उन्होंने सैनिकों को सख्त निर्देश दिए थे कि छापा मारते वक्त किसी भी महिला को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। यहां तक कि अगर कोई भी सेना में महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया, तो उसे सख़्त दंड देने का प्रावधान शिवाजी महाराज ने किया था। उक्ताशय के विचार वरिष्ठजन सेवा समिति के प्रभारी दीपक पात्रीकर ने शिवाजी महाराज की आरती के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में व्यक्त किए। 
पात्रीकर ने कहा कि बात मराठों के सेना की हो या नौसेना की। शिवाजी महाराज ने दोनों सैन्य बलों को पहचान दी। महिलाओं के प्रति उनका सम्मान अनुकरणीय था। हमें भी महिलाओं के प्रति ऐसा ही सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मंडल का बड़ा आधार महिलाओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता हुई मातृशक्ति ही है। मंडल की महिला प्रमुख विशाखा मदन तोपखानेवाले के नेतृत्व में मंडल के 16 महिला केंद्रों की टीम आज समाजसेवा की क्षेत्र में सतत् अच्छा काम कर रही हैं।  
महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने बताया कि प्रत्येक माह की 19 तारीख को महाराष्ट्र मंडल में शिवाजी महाराज की आरती की जाती है। यह क्रम 19 अगस्त को भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। इस अवसर पर सचिव चेतन गोविंद दंडवते, कला एवं संस्कृति समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर, वरिष्ठ सभासद शशि वरवंडकर, दिलीप लांबे, प्रकाश खांडेकर, दिलीप लांबे, समीर टिल्लू सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।