दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्‍ट्र मंडल की अपील: गणेश पंडाल में लगाएं तिलक की फोटो

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल ने शहरभर के तमाम गणेशोत्‍सव समितियों से गणेश पंडाल में लोकमान्‍य बाल गंगाधर तिलक की फोटो लगाने की अपील की है। स्‍वयं महाराष्‍ट्र मंडल पिछले 90 वर्षों से लगातार अपने गणपति पंडाल में लोकमान्‍य तिलक की फोटो लगाकर गणेशोत्‍सव का आयोजन कर रहा है।
 
मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने वर्ष 1893 में गणेशोत्सव की शुरुआत की, ताकि अंग्रेजों के खिलाफ भारतीयों को एकजुट किया जा सके। इसके साथ ही राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार किया जा सके। उन्होंने एक सार्वजनिक मंच के रूप में गणेश उत्सव को चुना, जहां लोगों को एक साथ लाया जा सके और उन्हें आत्म-त्याग और वीरता का पाठ पढ़ाया जा सके। काले के अनुसार तिलक एक सार्वजनिक मंच बनाना चाहते थे, जहां विभिन्न सामाजिक और धार्मिक पृष्ठभूमि के लोग एकजुट हो सकें। 132 साल पहले उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देशभर में एक लाख से भी अधिक सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियां पंडालों में प्रथम पूज्‍य गणेश भगवान की प्रतिमा स्‍थापित करते हैं।
 
काले ने  इसके साथ ही तमाम गणेशोत्‍सव समितियों से आग्रह किया है कि गणेशोत्‍सव समितियां अनंत चतुर्दशी के ही दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन करें। काले ने कहा कि जब ढाई करोड़ से अधिक आबादी के महानगर मुंबई में गणेश भगवान की प्रतिमाएं अनंत चतुर्दशी के दिन ही विसर्जित की जातीं हैं, तो यह व्‍यवस्‍था 20 लाख लोगों की जनसंख्‍या वाले रायपुर में क्‍यों नहीं हो सकती। भव्‍य विसर्जन झांकी के लालच में यदि हम समितियों की ओर से प्रतिष्ठित गणेश प्रतिमाओं को पितृपक्ष में विसर्जित करें, तो उसे आध्‍यात्मिक दृष्टि से उचित कैसे माना जा सकता है।