टाइमिंग, म्यूजिक और हाथ की सफाई यानी ‘जादू’
- महाराष्ट्र मंडल के गणेशोत्सव के तीसरे दिन हुए जादूगर व्ही शांताराम का शो
रायपुर। जादू कोई अंधविश्वास नहीं, सही टाइमिंग, म्यूजिक और हाथों की सफाई ही जादू है। महाराष्ट्र मंडल के शहीज मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के तीसरे दिन संत ज्ञानेश्वर सभागृह में तुमसर भंडारा से पहुंचे जादूगर व्ही शांताराम ने जादू का एक से बढ़कर एक नजराना पेश किया। कभी फोटो फ्रेम से कबूतर निकलता तो कभी कबूतर को खरगोश में बदलता। जादू देखने बच्चों ने इसका खूब आनंद उठाया। वहीं बड़ों में भी जादू को लेकर उत्सुकता नजर आई।

जादूगर व्ही शांताराम ने हाथों की सफाई, मायाजाल, काला जादू जैसे नजराने लोगों के सामने पेश किया। कभी खाली बाक्स से बहुत सारे टोकन यानी लूडो की गोटी निकाली। तो कभी किताब से पिंजरे निकाले। और किबात में आग लगाकर दर्शकदीर्घा की खूब तालियां बटोरी। दर्शक दीर्घा में बैठे बच्चों को बुलाकर जादू किया। जिसे बच्चों ने खूब एजाय किया। अत में दो लोगों को मंच पर बुलाकर न्यूज पेपर के पन्नों को कई टुकड़ों में बांट दिया फिर उसे अखबार को जादू के ट्रिक से जोड़ दिया।

जादूगर व्ही शांताराम ने बताया कि करीब 23 सालों से वे जादू दिखा रहे है। आमतौर पर गणेश उत्सव, दुर्गा उत्सव, गांवों में मंडई में वे शो करने जाते है। शांताराम ने कहा कि शो के दौरान वह दर्शकों को यह जरूर बताते है कि जादू सिर्फ हाथों की सफाई है।

जादूगर व्ही शांताराम ने कहा कि काला जादू, अंधविश्वास नाम की कोई चीज नहीं होती है। अब तक वे 400 से अधिक शो कर चुके है। तुमसर, गोदिंया, नागपुर के साथ महाराष्ट्र के स्थानों के साथ झांसी, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर शो कर चुके है।