‘ऐसी लागी लगन.. मीरा हो गई मगन....’ की प्रस्तुति ने बांधा समा
- महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित सुगम संगीत स्पर्धा में सजीं सुर ताल की महफिल

रायपुर। ‘ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई....’, ‘तेरा नाम ही एक सहारा, मेरे गिरधर मदन गोपाला... .’ हे भोलेनाथ तेरी महिमा निराली... की गूंज से महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सनातन संस्कृति की अनुभूति हुई। मीरा के भजन शुरू होते ही हाल में बैठक श्रोताओं ने कृष्ण की भक्ति में डुबकी लगाई। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में आयोजनों की श्रृंखला में बुधवार 3 सितंबर को कमल ताई शेष स्मृति सुगम संगीत स्पर्धा में यह दृश्य देखने को मिला। यहां राजधानी रायपुर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के साथ दिव्यांग महाविद्यालय माना और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों सहित करीब 17 प्रतिभागियों ने गजल और भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की संयोजक रंजन मोडक ने बताया कि सुगम संगीत स्पर्धा में निर्णायक की भूमिका रमेश पालकर और धर्मेन्द्र सिंहदेव ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद विनोद शेष रहे, जिन्होंने अपनी मां की स्मृति में यह संगीतमय प्रतियोगिता करवाई है।
कला एवं सांस्कृतिक समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि प्रतियोगिता में दिव्यांग महाविद्यालय माना, संगीत विवि खैरागढ़, बालाजी विद्या मंदिर, संत ज्ञानेश्वर स्कूल, कमलादेवी संगीत महाविद्यालय सहित कई स्कूलों व कालेजों के बच्चों व युवाओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विजय शंकर साहू ने प्राप्त किया। उन्होंने प्रतियोगिता के अंत में प्रवेश लिया था। वहीं द्वितीय खुशी श्रीवास्तव और तृतीय स्थान निखिल सोनी ने प्राप्त किया। तीनों विजयी प्रतिभागियों को क्रमशः 1000, 750 और 500 रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति समिति के अजय पोतदार, सुमित मोडक, अंकिता किरवई का विशेष योगदान रहा।

दिव्यांग बच्चियों की प्रस्तुति ने मोहा मन
मंडल के इस आयोजनों में पिछले कुछ सालों से अपनी प्रस्तुति देने आ रहे शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय माना कैंप के बच्चों ने अपने प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। रुक्मन सिदार ने ये ‘ये कौन आ गई दिलरूबा महकी-महकी’ गज़ल की प्रस्तुति दी। जिसके बाद क्रमशः मुन्नी सिन्हा, अमिणा भोई, जिया रानी, टोपलाल साहू और करीना खुंटे ने अपनी प्रस्तुति दी। सभी प्रस्तुतियों के साथ तलबे पर ढोलामणि ने इतनी सुंदर संगत की दी आयोजनों ने ढोलमणि का सम्मान मंडल के इस मंच से किया और उसकी प्रतिभा को नमन किया।