ईमानदारी से कमाया हुआ धन ही टिकता है: आचार्य धनंजय शास्त्री
2025-09-11 08:27 PM
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0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में श्रीमद् भागवत कथा प्रवचन के पांचवें दिन समुद्र मंथन की सुनाई कथा
रायपुर। इंद्र को गुरु वृहस्तपति से मिले श्राप की कथा सुनाते हुए आचार्य धनंजय वैद्य शास्त्री ने कहा कि धन की यह विशेषता है कि वह लूटने वाले के पास नहीं टिकता। शास्त्रानुसार धन को घर पर टिकाना हो, तो क्रोध से धन अर्जित न करें। साथ ही धन कमाने के लिए मातस्ल्य भाव नहीं होना चाहिए। लोभ रखने और अशुभ मति रखकर जो कमाता है, उसके पास भी धन नहीं टिकता। बल्कि ईमानदारी, मेहनत और शांत भाव से कमाया हुआ धन ही टिकता है।
आचार्य शास्त्री ने कहा कि धन को जो योग्य जगह पर खर्च नहीं करता, उसके घर पर धन नहीं टिकता। उदाहरण के रूप में लूट- लूटकर मुगलों ने भारत को खाली कर दिया। ऐसे में अफगानिस्तान को तो मालामाल होना चाहिए था, लेकिन आज वह कंगाल है। अंग्रेजों की स्थिति भी आप सभी जानते हैं। प्रवचन के दौरान आचार्यश्री ने यह भी बताया कि ईमानदारी से हमें अपने जीवन यापन के लिए कितना धन कमाना चाहिए। इसमें घर- परिवार, घर- विवाह से लेकर दान- धर्म के खर्च भी शामिल हैं।

आचार्य धनंजय शास्त्री ने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व उसके धर्म पर टिका है। मनुष्य से उसका धर्म निकल जाता है, तो वह पशु बन जाता है। इसलिए मनुष्य को अपने धर्म का पालन करना चाहिए। उन्होंने भागवत कथा के माध्यम से बताया कि घर कैसा होना चाहिए। उनके अनुसार घर के सामने, बीच में और पीछे तीन आंगन होने चाहिए। घर में एक बैठक कक्ष, मध्य कक्ष (चक्की, ओखली- मूसल, मथनी वाला कक्ष), ईशान कोण में पूजा गृह, आग्नेय कोण में रसोई घर, नैतृत्य कोण में बाथरूम होना चाहिए। पश्चिम दिशा की ओर स्टोर, वायभ्य दिशा में मेहमानों का कमरा, उत्तर में आलमारी- तिजोरी, घर में एक कमरा प्रसूति कमरा, घर के यजमान का शयन कक्ष और एक कोप कक्ष अवश्य होना चाहिए, जिसकी बनावट ऐसी हो कि उसमें जाने वाला क्रोधित व्यक्ति मुस्कुराता हुआ बाहर निकले। पूरे भारत देश में कोप भवन का घर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दुबेला गांव के बहुला राजा का महल है।

साइंस पार्क की प्रशंसा भी
समुंद्र मंथन की कथा सुनाते हुए आचार्य धनंजय शास्त्री ने कहा कि बड़ा कार्य करने के लिए शत्रु को भी साथ लेना चाहिए। समुंद्र मंथन में देवताओं ने भी असुरों का साथ लिया था। उस समय में उड़ने वाले पर्वत हुआ थे। रायपुर के साइंस पार्क में उड़ने वाले पर्वत देखकर आएं। वहां शनि ग्रह के मंडल में अनेक पर्वत उड़ते हुए देखे जा सकते हैं। आप सभी एक बार वहां जरूर जाएं। रायपुर में समुद्र मंथन का दृश्य देखना हो, तो घासीदास संग्रहालय जाना होगा।