दिव्य महाराष्ट्र मंडल

श्रीकृष्‍ण जन्‍मोत्सव पर झूमा महाराष्‍ट्र मंडल

0 श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन श्रीकृष्‍ण की रासलीला सहित पूतना वध, माखन चोरी, गोवर्धन लीला और गीता सार की झांकियों से मंत्रमुग्‍ध हुए श्रद्धालु
 
रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल में श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्‍ण की रासलीला सहित पूतना वध, माखन चोरी, गोवर्धन लीला और गीता सार पर आधारित झांकियां प्रस्‍तुत की गईं। प्रभावशाली पार्श्‍व संगीत और गीत के साथ प्रस्‍तुत दृश्य, नृत्‍य देखकर दर्शक झूम उठे। इस  झांकी की रूपरेखा और निर्देशन सुमीता रायजादा का रहा। झांकी में यशोदा सृष्टि‍ दंडवते, माखन चोर नंदकिशोर अंजलि काले, राधा साक्षी टोले, श्रीकृष्‍ण अंकिता किरवई की भूमिकाओं में ध्‍यान खींचतीं हैं। विशेष वेशभूषा के साथ की गई रासलीला ने लोगों को खासा आकर्षित किया। समूचे झांकी की सूत्रधार रचना ठेंगड़ी रहीं। कविता ठेंगडी ने गोपी की तो अनिता लांगे ने पुतना की भूमिका भी प्रभावी अंदाज में निभाई। झांकी का समापन रोचक अंदाज में श्री कृष्ण- रुकमणी विवाह से हुआ.
 
 
इससे पहले श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्‍ण जन्‍मोत्‍सव को जीवंत झांकी की प्रस्‍तुति के साथ उत्‍सवपूर्वक मनाया गया। झांकी की विशेषता अजय पोतदार के सुमधुर संगीतमय भजन के बीच भक्‍तों के बीच से नंद बाबा टोकरी में लगभग 10 महीने की अबोध सुदीक्षा निब्रड को लेकर आए तो दर्शकों ने फूलों की पंखुड़ियों से उनका स्‍वागत किया। टोकरी से निकाले जाने के बाद नंदलाला को झूले में डालकर झुलाया गया। उसके बाद तो बाल श्रीकृष्‍ण को गोद में लेने की भक्‍तों में मानों होड़ सी लग गई। प्रशंसनीय यह भी रहा कि मासूम सुदीक्षा किसी की भी गोद में जाने में असहज नहीं थी,बल्कि वो तो हर एक को देखकर मुस्‍कुरा रहा थी।
 
 
गुरुवार रात को श्रीकृष्‍ण जन्‍म की झांकी के बाद गोपियों की रासलीला के नृत्‍य बेहद संयोजित और संयमित थे। इनका आकर्षण इतना रहा कि महज चंद गोपियों प्रिया बक्षी, गौरी क्षीरसागर, अक्षता पंडित, स्‍वाति डबली, आराधना शेष और समृद्धि मिश्रा संग शुरू हुई रासलीला में धीरे- धीरे इतने लोग शामिल हो गए कि मंच के सामने उपलब्‍ध स्‍थान में घेरा भी कम पड़ने लगा। नृत्‍य संयोजन वर्तिका क्षीरसागर ने किया। पूरी झांकी में अर्पणा कालेले, मनीषा वरवंडकर, सुनीता कुलकर्णी का भी विशेष योगदान रहा।