दिव्य महाराष्ट्र मंडल

इंदिरा एकादशी पर विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के साथ श्री सुक्त का पाठ

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा प्रत्येक एकादशी को होने वाला श्री विष्णु सहस्त्रनाम पाठ 17 सितंबर को इंदिरा एकदाशी के अवसर पर आनलाइन मोड पर सुबह 7 बजे से किया गया। समिति के सदस्यों ने विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के साथ श्री सुक्त का पाठ भी किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि डा. दीपाली अलोनी की अगुवाई में सभी ने विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया।  आस्था ने बताया कि  पितृ पक्ष में पड़ने वाले इस इंदिरा एकादशी का महत्व पुराणों में मिलता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार जब धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम और महिमा पूछी, तो भगवान ने कहा था  कि इस पावन तिथि को इन्दिरा एकादशी कहते हैं। जो व्यक्ति इस दिन उपवास करता है उसके पाप नष्ट हो जाते हैं और पितर नरक से मुक्त होकर स्वर्ग या वैकुण्ठ को प्राप्त करते हैं। यहां तक कि इसकी महिमा का श्रवण मात्र करने से अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। राजा इन्द्रसेन की कथा बताती है कि इस व्रत का पालन करने से न केवल उनके पितर वैकुण्ठ को गये, बल्कि स्वयं राजा को भी अखण्ड भक्ति और शांति प्राप्त हुई। 

इस अवसर पर अंजलि नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, प्रणिता नलगुंडवार, मंजूषा मारकले, आरती ठोंबरे, संध्या खंगन, चारुशीला देव, आस्था काले, हेमा पराड़कर, विभा पांडे,  डा. दीपाली  अलोनी, रोहिणी नेने , शुभ्रा अगस्ती, मानिक मैराल,  डा.अलकनंदा नारद, अंजलि खेर और ज्योत्सना किरवई आनलाइन पाठ के लिए जुड़ी थी।