दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बुजुर्गों का भरपूर मनोरंजन रोचक सवालों के साथ

0 वरिष्‍ठजन दिवस पर महाराष्‍ट्र मंडल में 90वीं वर्षगांठ के साथ रंगारंग आयोजन

रायपुर। मराठी- हिंदी फिल्‍मों, गानों से लेकर सामान्‍य ज्ञान के प्रश्‍नों तक और उसके बाद जबर्दस्‍त मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ बुजुर्गों का भरपूर मनोरंजन किया गया। मौका था महाराष्‍ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह में आयोजित वरिष्‍ठजन दिवस का। 
 
सुपरहिट फिल्‍म शोले में बसंती के घोड़ी का क्‍या नाम था? से लेकर मराठी फिल्‍म अशी ही बनवा बनवी में चारों हीरो के नाम बताइए? ऐसे अनेक मनोरंजक सवालों के सही जवाब देने वाले वरिष्‍ठ जनों को मंडल के पितामह कहे जाने वाले वरिष्‍ठतम सभासद टीएम घाटे ने आकर्षक पुरस्‍कार देकर प्रोत्‍सा‍हित किया। इसी बीच सुमीता रायजादा के जीवन यात्रा  के बेहतरीन नई- पुरानी फिल्‍मों के लोकप्रिय गीतों का सुमधुर गुलदस्‍ता प्रस्‍तुत किया। रचना ठेंगड़ी की एकल नृत्‍य की प्रस्‍तुति ने खासी तालियां बटोरी। 
 
प्रिया बक्षी व गौरी क्षीरसागर के रोचक मंच संचालन के दौरान संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने बुजुर्गों को डिजिटल पेमेंट से संबंधित जरूरी जानकारियों और सावधानियों के बारे में समझाकर बताया। उपाध्‍यक्ष गीता दलाल के मार्गदर्शन में पर्यावरण समिति के समन्‍वयक अभय भागवतकर सहित अर्चना पराड़कर, अर्चना मुकादम, अनघा करकशे सहित साथियों ने पर्यावरण संरक्षण को संदेश देने वाला सांकेतिक अभिनय किया। जेएस उरकुरकर ने पृथ्‍वी संरक्षण को लेकर सचेत किया और बताया कि आखिर हमें पर्यावरण के नाम पर जीव- जंतु के हितार्थ क्‍या करना चाहिए। 
 
आध्‍यात्मिक समिति की ओर से आस्‍था काले, आकांक्षा गद्रे, दिव्‍या पात्रीकर, संध्‍या खंगन, साक्षी टोले, सृष्टि दंडवते, श्रुति सराफ, माधुरी इंचुरकर, जया भावे, अनुभा महाडिक, अनिता लांगे महिषासुर मर्दन नाटिका की बेहतरीन प्रस्‍तुति दी। इसमें बताया गया कि कौन सी देवी मां ने महिषासुर का मर्दन करने के लिए कौन सा हथियार दिया। इसकी परिकल्‍पना दिव्‍या पात्रीकर ने संकलन आस्‍था काले और निर्देशन आचार्य रंजन मोड़क ने किया।