दीपावली के पूर्व महाराष्ट्र मंडल में हुई शिवाजी की आरती
रायपुर। दीपावली की पूर्व 19 अक्टूबर को महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज की आरती की गई। इस अवसर पर मंडल के अध्यक्ष, सचिव, कार्यकारिणी और युवा समिति के पदाधिकारियों ने शिवाजी महाराज के प्रेरक प्रसंगों पर चर्चा की।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शिवाजी महाराज के रोचक प्रसंगों पर चर्चा करते हुए कहा कि औरंगजेब ने शिवाजी को आगरा में कैद किया, लेकिन शिवाजी ने मिठाई के टोकरे में छिपकर चतुराई से अपनी जान बचाई और वहां से निकल आए थे। शिवाजी एक धर्मनिरपेक्ष शासक थे और उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान किया। उन्होंने अपनी सेना में मुस्लिम अधिकारियों को रखा और मस्जिदों के निर्माण में भी सहायता की।
महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि शिवाजी महाराज के रोचक प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज का युद्ध कौशल के क्या कहने थे, आज नौसेना उनकी सोच की ही देन है। वहीं युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंड़े ने कहा कि शिवाजी महाराज ने बहुत कम उम्र में 1645 में तोरना किले पर हमला कर बीजापुर के सुल्तान को पहला बड़ा झटका दिया। अफजल खान ने शिवाजी को धोखे से मारने की योजना बनाई थी, लेकिन शिवाजी के एक मुस्लिम मित्र ने उन्हें आगाह कर दिया। शिवाजी ने योजना को नाकाम करते हुए अफजल खान का पेट चीर दिया। इस अवसर पर परितोष डोनगांवकर, सचिंद्र देशमुख, भगीरथ काळेले, प्रवीण क्षीरसागर, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी उपस्थित थे।