रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शुक्रवार शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज की मासिक महाआरती की गई। तत्पश्चात शिवाजी महाराज के जीवन के प्रसंगों पर चर्चा की गई। महाराष्ट्र मंडल की युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे ने शिवाजी महाराज के रोचक प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि मनुष्य़ को अपने जीवन में घटने वाली हर एक घटना से शिवाजी महाराज की तरह कुछ न कुछ सीखना चाहिए।
विनोद ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच हमारे लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। शिवाजी महाराज ने मुगलों के विरुद्ध छापामार युद्ध के दौरान एक वृद्ध महिला के घर भोजन मांगा। भोजन करते समय वे अपनी अंगुलियां जला बैठे। खाना परोस रहीं उस वृद्धा ने उन्हें सलाह दी कि बड़े किले पर सीधा हमला करने के बजाय किनारे से थोड़ा-थोड़ा करके छोटे किलों को जीतना चाहिए। शिवाजी ने इस सीख को अपनाया और अपने सैनिकों के साथ छोटे- छोटे लक्ष्य तय करके रणनीति बनाकर युद्ध किए और जीते भी। उसके बाद फिर बड़े युद्धों में बड़ी कामयाबी हासिल की, बड़े किले जीते।
विनोद ने कहा कि आज भी हमारे बीच कई ऐसी घटनाएं घटती हैं, तो हमें अच्छे भविष्य के लिए संकेत देतीं हैं, जिसे आमतौर पर हम पहचान नहीं पाते। समय गुजरने पर हमें इस बात का एहसास होता है कि काश उस समय ऐसा किया होता तो आज ऐसा परिणाम नहीं होता।
इस अवसर पर युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सह प्रमुख रीना बाबर, रितेश बाबर, श्रद्धा जोशी, मनीष देसाई सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।