भावों को समझों और सही लिखने का अभ्यास हिंदी में दिलाएगा सफलताः सरिता पांडे
रायपुर। प्रदेश में संचालित अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की लिए हिंदी लेखन बड़ा कठिन कार्य होता है। ऐसे में अगर बोर्ड परीक्षा की बात हो तो बच्चों की टेंशन और बढ़ जाती है। लेकिन ऐसे में बच्चों को घबराना नहीं चाहिए। हिंदी का लेखन और पठन बहुत आसान और सरल है। हिंदी को अच्छे से समझना और लिखने का सही अभ्यास परीक्षा में सफलता दिलाएगा। उक्त बातें संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की हिंदी की आध्यापिका सरिता पांडे ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे बच्चों से कहीं।
शिक्षिका सरिता पांडे ने कहा कि हिंदी सिर्फ याद करने का विषय नहीं है। बल्कि भावों को समझना और सही तरीके से लिखने का विषय है। हिंदी के हर पाठ को दो बार पढ़ना चाहिए। पहली बार कहानी या कविता को समझने के लिए फिर दूसरी बार प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए। हिंदी में अच्छे नंबर के लिए अपना शब्द ज्ञान बढ़ाना चाहिए। नये शब्दों का अर्थ लिखे और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करने की आदत डालो। इस अभ्यास से उत्तर लिखते समय शभ्द आसानी से याद आते है।
सरिता पांडे ने किया कविता याद करने से पहले उसका भाव समझे कि कवि क्या कहना चाहता है। हिंदी व्याकरण प्रतिदिन थोड़ी थोड़ी मात्रा में पढ़े, व्याकरण का नियम समझकर अभ्यास करें ताकि गलती न हो। पत्र और निबंध लेखन अधिक नंबर लाने में काफी सहायक होता है। इसके नियमित अभ्यास से भाषा में प्रवाह आता है। नहीं समय बांधकर लिखने का अभ्यास करें। बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका में लिखावट साफ, छोटे और स्पष्ट वाक्य होने चाहिए। लिखने के बाद स्वयं जांचने का अभ्यास भी करें।