दिव्य महाराष्ट्र मंडल

तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में राम के जन्म के पहले हुए माता कौशल्या की गोदभराई

 -    नवरात्रि के पांचवें मंदिर में जुटीं महिलाएं, किया माता का श्रृंगार,   बुजुर्ग महिलाओं ने की अगुवाई, य़ुवा भी रहे सक्रिय

रायपुर। तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में रामजन्मोत्सव के पूर्व नवरात्र की पंचमी को माता कौशल्या की गोदभराई की रस्म अदायगी की गई। इस परंपरा का निर्वहन बरसों से किया जा रहा है। राम जन्मोत्सव से पूर्व यह रस्म मातृत्व का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर महिलाओं ने हल्दी-कुंकू के साथ श्री हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया।  

महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास प्रभारी और श्री हनुमान मंदिर समिति की वरिष्ठ सदस्या नमिता शेष ने बताया कि पंचमी के दिन माता कौशल्या का श्रृंगार उसी तर्ज पर किया गया, जैसा आज कल हम लोग अपने बेटियों और बहूओं की गोदभराई में करते है। बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने माता गोदभराई की रस्म पूरा की। नमिता ने बताया कि जब वे छोटी थी, तो वो अपनी दादी के साथ यहां आया करती थीं। यह परंपरा वह तब से देख रही है।

नमिता शेष ने बताया कि गोदभराई रस्म के दौरान महिलाओं ने अपने-अपने घरों से स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लाए थे। जिसे माता के सामने रखकर उन्हें अर्पण किया गया। माता की गोद में फल, मिष्ठान आदि चढ़ाय़ा गया। चैत्र नवरात्रि होने के कारण हल्दी-कुंकू का आयोजन भी किया गया। महाराष्ट्रीयन परिवार में आज के दिन से आम के पना के सेवन की शुरूआत की जाती है।