संत ज्ञानेश्वर के बच्चों ने ‘रंगोत्सव’ में दिखाई थी प्रतिभा.. हुए पुरस्कृत
रायपुर। रंगों से खेलने का शौक तो बच्चों को होता ही है, लेकिन इस शौक को अगर सही दिशा और मार्गदर्शन दिया जाए तो बच्चे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में पीछे नहीं रहते। आज हमारे बच्चों ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर शानदार पेंटिंग कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसका श्रेय उन समर्पित शिक्षकों को भी जाता है जिन्होंने बच्चों की इस कला को निखारने के लिए साल भर मेहनत किया। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहीं। बतादें कि वे गुरुवार 9 अप्रैल को महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मुंबई की संस्था द्वारा आयोजित रंगोत्सव व ड्राइंग प्रतियोगिता में स्कूल का नाम रोशन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर रहे थे।
स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि गुरुवार को रंगोत्सव में शामिल प्रतिभागियों को पारितोषिक वितरण किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतियोगिता का आयोजन दिसंबर माह में किया गया था। जिसमें स्कूल के करीब 300 बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया था। इन 300 बच्चों में से 9 बच्चों का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ था। जिसमें 10 शालाओं के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पुरस्कार हेतु हमारे विद्यालय से नौ छात्रों का चयन हुआ।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने आगे बताया कि इन चयनित 9 छात्रों को आज महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन के हाथों से पुरस्कार दिया गया। उन्होंने तन्मय भगाड़े, यशना घनेता, पार्थ यादव, मानस दुर्गा, गौरव ध्रुव, प्राची टांगले, अविशा गुप्ता, रिहाना बघेल, यक्षी, शिवानी को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर स्कूल के स्कूल के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार, स्पर्धा की कार्डिनेटर सुदेवी विश्वास, अपर्णा आठले और तृप्ति अग्निहोत्री उपस्थित रहीं।
बतादें कि मुंबई में 'रंगोत्सव' नाम से जुड़ी संस्थाएं मुख्य रूप से कला, संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं। रंगोत्सव सेलिब्रेशन छात्रों के लिए लेखन, चित्रकला और हस्तलेखन जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करती है। इसके अलावा, टीजर की पहल के रूप में 'रंगोत्सव' एक स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल उत्सव आयोजक भी है जो कारीगरों के सहयोग से काम करती है।