दिव्य महाराष्ट्र मंडल

रिटायरमेंट के बाद हम जी रहे अपनी जिंदगीः खंगन

0- सियान गुड़ी में वृद्धजनों से मिलने पहुंचे शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अफसर

रायपुर। बचपन में हम अपने मां- बाप की सुना करते थे, युवा हुए तो जिम्मेदारियों का दौर चला। अब रिटायरमेंट के बाद बच्चे कहते हैं, बाबा... आप ये मत करो- वो मत करो, ऐसा करो- वैसा करो। मैं कहता हूं कि रिटायरमेंट के बाद अब मैं खुद के लिए जीना चाहता हूं। अब अपना समय समाजसेवा, सियान गुड़ी में आप लोगों के साथ मनोरंजन और यह जिंदगी अपने लिए जीना चाहता हूं। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित और समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सियान गुड़ी में वृद्धजनों से मिलने आए शिक्षा विभाग के रिटायर्ड अफसरों से महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक और सियान गुड़ी के प्रभारी श्याम सुंदर खंगन ने कहीं।

श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि हम खुद को वृद्ध न समझें, जीवन का काफी लंबा समय नौकरी करने के बाद अब हमने नए जीवन की शुरूआत की है। जीवन का यह समय मेरी तरह सभी को समाज को देना चाहिए। हमने समाज से बहुत कुछ लिया है। हमारा पद और प्रतिष्ठा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसी समाज की देन है।  महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ सभासद विनोद कुमार शेष और रमेश भास्कर राव पालकर ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की। इस अवसर पर पालकर ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद सभी वृद्धजनों का स्वागत- सत्‍कार किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठजनों ने अपने विचार रखे और एक- दूसरे को समाजसेवा और सियान गुड़ी में आने के लिए प्रेरित किया।

विनोद शेष ने कहा कि तात्यापारा का निवासी होने के कारण मैं तो बचपन से महाराष्ट्र मंडल से जुड़ा रहा। मंडल की सारी योजनाएं जनकल्याणकारी हैं। बात संत ज्ञानेश्वर स्कूल की हो या दिव्यांग बालिका विकास गृह की। मंडल से जुड़ा हर एक सदस्य समय- समय पर अपनी सेवाएं देता है। निःसंदेह सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए एक अच्छी योजना है। आप सभी लोगों को यहां आकर अपना समय व्यतीत करना चाहिए। मैं उम्र के इस पड़ाव में भी सप्ताह में चार दिन अपने गांव जाकर खेती- किसानी का काम देखता हूं। वहां भी सिर्फ कुर्सी पर नहीं बैठता, जरूरत पड़ने पर खेतों में भी उतरता हूं।

छत्तीसगढ़ में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की प्रमुख नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता लीना मोहन एंटी ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल से मेरा बरसों पुराना नाता है। मैं रायपुर आने पर मंडल के कामकाजी महिला वसती गृह में निवास करती थी। उस समय भी वह लड़कियों और महिलाओं के लिए जितना सुरक्षित था, उतना ही सुरक्षित आज भी है। महाराष्‍ट्र मंडल अब अपने सेवाभावी कार्यों का विस्‍तार तो कर ही रहा है, साथ ही पुराने कार्यों को भी अपग्रेड करते हुए उसे विस्‍तार भी दे रहा है।

इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सियान गुड़ी के सह प्रभारी प्रवीण क्षीरसागर,  साधु राम साहू, केके पाठक, नंदकिशोर अग्रवाल, गोपाल प्रसाद अग्रवाल, अलका पटवा, लखनलाल साहू, डा. ओसी बिसेन, चित्रा बल्की, डा. कमल वर्मा, डा. ओपी बिसेन, श्यामल जोशी, सुशील कुमार श्रीवास्तव, मदन तोपखानेवाले, विवेक राहटगांवकर, रमेश कुमार शर्मा, नीलिमा साठे, कुमुद लाड, मालती मिश्रा, नमिता शेष, रेखा जोशी, अजीत शर्मा, विमला मिश्रा, मोहन एंटी, सरिता नासरे, शैल दुलारी, संध्या खंगन, श्याम दलाल, ओपी कटारिया, मुकुंद सगवई, रामराव सेंदरे, अनिल पांडे, हेमंत मार्डीकर, सुधा शर्मा, ज्योत्सना श्रवणे, दीपांजलि भालेराव, पद्मजा तिवारी, जेएस उरकुरकर प्रमुख वरिष्ठ जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।