दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्‍ट्र मंडल में रहस्यमी हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ का मंचन 15 सितंबर को

रायपुर। पुरानी हवेली के बाहर मूसलधार बारिश और तेज बिजली कड़कने की आवाज के बीच जज की अतृप्‍त आत्‍मा का आकाशवाणी नुमा ऐलान ‘जब तक असली कातिल का पता नहीं चल जाता, तब तक न तो मेरी आत्‍मा को मुक्ति मिलेगी और न ही इस हवेली से कोई बाहर जा पाएगा।जबर्दस्‍त डायलॉग के बीच गिरते- संभलते किसी तरह डॉक्‍टर, फॉरेंसिक एक्‍सपर्ट, पुलिस इंस्‍पेक्टर, वकील से लेकर मंत्री जी तक हवेली के हॉल में पहुंचते हैं। जहां आराम कुर्सी पर मृत रिटायर्ड जज माथुर को देखकर वो सभी कांप जाते हैं है।

बात हो रही है हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की, जिसका मंचन मंगलवार, 15 सितंबर को शाम 07:30 बजे महाराष्‍ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्‍मृति रंगमंच पर किया जाएगा। मेजर यशवंत गोरे स्‍मृति गणेशोत्‍सव के दूसरे दिन पवन ओगले लिखित और रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की केंद्रीय भूमिका में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते प्रभावशाली अभिनय करते दिखेंगे। पवन ओगले, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलोसकर, समीर टल्‍लू, विनाद राखुंडे और अक्षदा मातुरकर के कसे हुए संवादों के साथ रंगप्रेमी दर्शक एक कत्‍ल की तफ्तीश को करीब से होते हुए देख सकेंगे। साथ ही हर पल इस बात में उलझे रहेंगे कि अनुराधा का खून आखिर इनमें से किसने किया है।

बैकग्राउंड म्‍यूजिक के माध्‍यम से नाटक को और भी भूतहा और रोमांचक बनाने के लिए अस्मि जैन के साथ चैतन्‍य मोडक ने खासी मेहतन की है। गौरव वर्मा व लोकेश साहू का प्रकाश संयोजन और प्रकाश गुरव व नानक गहलोत का मंच सज्जा ‘जस्टिस’ और भी यादगार बनाएगा। मंडल अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने रंगप्रेमी दर्शकों को नाटक ‘जस्टिस’ को देखने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है, ताकि नाटकों के कलाकारों को भावी नाटकों के लिए भी प्रोत्‍साहन मिल सके।