दिव्य महाराष्ट्र मंडल

उज्‍जैन के दो अंकी मराठी नाटक ‘केस नंबर 99’ ने दो घंटे तक बांधे रखा दर्शकों को

रायपुर। जीवन बीमा की पॉलिसी हासिल करने को लेकर चालबाजियों की कहानियां हमने कई फिल्‍मों व नाटकों में देखी है, लेकिन यह पहला नाटक है, जो शुरुआती दौर में आसान तो दिखाई देता है लेकिन है नहीं। जैसे- जैसे कहानी आगे बढ़ते जाती है वैसे- वैसे मंच पर पेचिदगियों बढ़ती जाती है और दो घंटे के दो अंकी नाटक के क्‍लाइमेक्‍स में रंगप्रेमी दर्शक बस सांसे थामे देखते ही रह जाती हैं।

बात हो रही है मराठी नाटक ‘केस नंबर 99’ की, जिसका मंचन शनिवार शाम को महाराष्‍ट्र मंडल के मराठी सोहळा (मेला) में संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर किया गया। इस रोमांचक, गंभीर और हास्‍य के साथ रहस्‍यमयी नाटक के लेखक योगेश सोमण और निर्देशक यशोवर्धन केलकर हैं। उज्‍जैन के नाटक ‘केस नंबर 99’ में यशोवर्धन केलकर और दिपाली केलकर ने पति- पत्‍नी की भूमिका में प्रभावित किया है। पुलिस इंस्‍पेक्‍टर के रोल में प्रशांत सहस्‍त्रबुद्धे बेहतरीन टि्वस्‍ट लाते हैं लेकिन नाटक का सस्‍पेंस कुछ और ही निकलता है। 

विशाल परिहार ने नाटक में विद्युत और ध्‍वनि संयोजन का निपूणता से काम किया। वहीं खुशाली केलकर ने वेशभूषा, रंगसज्‍जा व नेपथ्‍य में बखूबी जिम्‍मेदारी निभाई। संवेदनशील अभिनय और प्रभावी नेपथ्‍य वाले मराठी नाटक ‘केस नंबर 99’ को देखने के लिए बड़ी संख्‍या में दर्शक जुटे।