दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘मानवता का सफर... महाराष्ट्र मंडल रायपुर की यादें’

प्रशांत सहस्रबुद्धे

एक छोटा-सा संदेश मिला और रायपुर का सफर हुआ, केस नंबर 99 नाटक के साथ सुंदर संयोग बना! तैयारी हुई झटपट और कार्यक्रम भी खूब शानदार रहा, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के 91वें स्थापना दिवस की शोभा और बढ़ गई। विभिन्न गतिविधियों में फिर सहभागिता का अवसर मिला, जिसमें पहला कदम बढ़ाकर रक्तदान करने का सौभाग्य मिला। सबसे पहले रक्तदान कर वह क्षण धन्य हो गया, मानवता के इस महायज्ञ में अपना छोटा-सा योगदान मिल गया।

रक्तदान, देहदान और नेत्रदान पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ, रायपुर के प्रतिष्ठित लोगों के साथ उपस्थित होने का अवसर मिला। अनेक नई बातें सीखते हुए ज्ञान का क्षितिज विस्तृत हुआ, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काले से मिलना एक अनमोल अनुभव रहा।

अध्यक्ष अजय मधुकर काले की यही महानता है, उनके सामाजिक कार्यों ने मेरी सोच को नई ऊंचाई दी है। दो दिनों का यह सफर मानो यादों के अनमोल मोती बन गया, इस सुंदर समारोह से जीवन का हर दीप और जगमगा उठा।