दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...’, सभासदों ने नाना को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आय़ोजित मराठी सोहळा के अंतिम दिन भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज सितारे नाना पाटेकर पर आधारित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वर्ष 1994 में नाना पाटेकर अभिनीत हिंदी फिल्म क्रांतिवीर के एक प्रसिद्ध डायलॉग ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...’ का मंचन किया गया। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के समन्वयक और रंगसाधक अभिषेक बक्षी ने नाना पाटेकर के डायलॉग को इतने अच्छे से मंचित किया कि सभी ने खूब तालियां बजाई। नाट्य अभिनय में जल्लाद की भूमिका साहित्य समिति के प्रमुख अभय भागवतकर ने निभाई। 

अभिषेक ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा की अपूरणीय क्षति है। बहुत कम अभिनेताओं के अभिनय में वह संवदनशीलता, गहराई, विशिष्‍टता और दमदारी होती है, जो नाना पाटेकर में थी। नाना अपने विचारों को व्यक्त करने में कभी संकोच नहीं करते थे। इस अवसर पर नाना पाटेकर के प्रसिद्ध डायलॉग और कुछ फिल्मों के सीन का प्रसारण प्रोजेक्ट के माध्यम से सभागृह में किया गया।