दिव्य महाराष्ट्र मंडल

जैसा कर्म करोगे, वैसा फल मिलेगा.... व्यासपीठ से नीताताई ने बताया श्रीमद्भागवत का सार

रायपुर। तात्यापारा, हनुमान मंदिर में भजनानंद समूह एवं मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। कथा के दूसरे दिन कीर्तनकार ह.भ.प. नीताताई पुल्लीवार ने भक्तों को कथा श्रवण करा माहौल को भक्तिमय कर दिया।

उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत को दिव्य स्तोत्र कहा गया है। पूरे देशभर 365 दिन कही न कही भागवत अखंड चलता है। नित्य उपासना साधना, प्रार्थना नियमित करने से भगवान सदा साथ रहते हैं। क्योंकि काम क्रोधादि शत्रु हमें हमेशा परेशान करते है। उन्होंने आगे बताया कि  मानवदेह वो द्वार है जहां से या तो जन्म मरण के चक्कर में फिर से पड़े या कैसा कार्य करें ऐसी भक्ति करें की भगवान के  चरणों में लीन हो जाए।

कथा का रसपान कराते हुए उन्होंने सती रेणुका माता की कथा, सती अनुसूईया की कथा,  वेद राजा की कथा, पृथु राजा की कथा का सविस्तार वर्णन किया और सती की महिमा समझाई। उन्होंने कर्म की महिमा बताते हुए कहा कि जैसा कर्म करोगे वैसा भोग जरूर भोगोगे, इसलिए कोई देखे या ना देखे वो यानी ईश्वर हमेशा देख रहा है, ये सोचकर ही कर्म करें। 

गोपेश्वर की कथा का रसपान कराते हुए उन्हों ने कृष्णा  के लिए  गोपीकाओं का प्रेम कैसा था और इसके लिए उन्होंने क्या-क्या किया इसका वर्णन किया।