संत ज्ञानेश्वर स्कूल में बच्चों को... सिखाया गया भोजन मंत्र... तो बताया गया अन्न का महत्व
2023-08-23 04:58 PM
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रायपुर। जिस आहार की वजह से इंसान बलवान, बुद्धिमान और प्रखर बनता है, असल में उसे भोजन कहा गया है, लेकिन आज का दौर आम बोलचाल की भाषा का हो गया है, जिसमें जीवन के मूल आहार को खाना कहा जाता है। संस्कृति और सभ्यता के पर्याय में 'खाना' भोजन का पर्यायवाची नहीं है। इसी तरह भोजन ग्रहण करने से पहले और बाद के नियम हैं, जिसे आचरण में शामिल करना जरुरी होता है।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल की सांस्कृतिक प्रभारी शिक्षिका शिखा शर्मा ने बताया कि विद्यालय में बच्चों द्वारा भोजन ग्रहण करने से पहले भोजन मंत्र का उच्चारण करना आवश्यक है। आज के व्यस्त जीवन में हम अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दे पाते जितना हमें देना चाहिए। स्वास्थ्य पर ध्यान ना देने से आधुनिकता का चोला ओढ़ हम चम्मच से भोजन करते हैं और अपने आप को स्मार्ट साबित करने में लगे रहते हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में भोजन का महत्व हमारे सनातन धर्म में हजारों वर्षों से हमारे ऋषि-मुनियों ने बताया है कि हमारे वेदों में भोजन करने से पहले भोज्य पदार्थों का आवाहन किया जाता है, जिससे हम जो भी पदार्थ का सेवन करें वह हमारे शरीर के साथ ही साथ हमारे मन और मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को भोजन करने से पूर्व भोजन मंत्र क्यों कैसे एवं उसका क्या फायदा है शिक्षिका शिखा शर्मा द्वारा समझाया गया साथ ही साथ अन्न एवं मां के हाथों से बना भोजन का महत्व समझाया गया। प्रतिदिन घर पर परिवार के साथ भोजन करने से पूर्व भोजन मंत्र बोलने को कहा गया। विद्यालय की शिक्षिका शिखा शर्मा ने बताया की अन्न का अपमान ना करते हुए उतना ही ले थाली कि अन्न का एक भी दाना व्यर्थ ना जाने पाए इस बात का ध्यान रखने सभी से निवेदन है किया गया।