गजलों और भजन की प्रस्तुति ने बांधा समां... महाराष्ट्र मंडळ में सजीं सुर ताल की महफिल
रायपुर। 'घर में पधारो गजानन जी....', 'रामगुण गायके.....' और 'शिव तांडव स्त्रोत' की गूंज महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सुनाई दी। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दूसरे दिन कमल ताई शेष सुगम संगीत स्पर्धा में यह दृश्य देखने को मिला। यहां राजधानी रायपुर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के करीब 27 प्रतिभागियों ने गजल और भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से संगीतप्रेमी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की आयोजक रंजन मोडक ने बताया कि सुगम संगीत स्पर्धा में निर्णायक भूमिका रमेश पालकर और धर्मेन्द्र सिंहदेव ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, मंडल के वरिष्ठ आजीवन सभासद विनोद शेष रहे, जिन्होंने अपनी मां की स्मृति में यह संगीतमय प्रतियोगिता करवाई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने की। वहीं मंडळ के सचिव चेतन दंडवते भी विशेष रुप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। अतिथियों और निर्णायकों का स्वागत शाल और श्रीफल भेंटकर किया गया।

कला एवं सांस्कृतिक समिति की प्रभारी भारती पलसोदकर ने बताया कि जेएन पांडेय स्कूल, संत ज्ञानेश्वर स्कूल, गुजराती इंग्लिश मीडियम स्कूल, कमलादेवी संगीत महाविद्यालय सहित कई स्कूलों व कालेजों के बच्चों व युवाओं ने स्पर्धा में भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सृष्टि गोस्वामी, द्वितीय निखिल सोनी और तृतीय स्थान विशाल यादव ने प्राप्त किया। तीनों विजयी प्रतिभागियों को क्रमशः 1000, 750 और 500 रुपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ शील्ड और प्रमाणपत्र दिया गया।

कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति समिति के सुमित मोडक, अंकिता किरवई, स्मिता टेंबे, हार्दिका बोबर्डें, धनश्री पेडसे, राकेश देशमुख, अस्मिता कुसरे, मनीषा पाटिल और निखिल मुकादम का विशेष योगदान रहा।