दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडळ में वरिष्ठ तलबा वादकों ने बंदिशों के साथ बांधा समां

रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ की कला एवं संस्कृति समिति की ओर से बुधवार रात संगीत सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को मुंबई से पहुंचे तीन वरिष्ठ तबला वादकों ने यादगार बना दिया। उस्ताद राशिद खान की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में तीन तबला वादकों ने फर्रूखाबाद घराने का वादन पेश किया। पंडित कल्याण राव देशपांडे, पंडित सुधाकर पैठणकर और नितिन डिग्वेकर के हर बोल और बंदिशों पर तालियां बजती रही।

कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। महाराष्ट्र मंडळ का सभागार तलबे के त्रिताल थाप से गूंजायमान रहा। मुंबई से पहुंचे तबला वादकों ने त्रिताल की बंदिशों में ऐसी थाप दी कि श्रोताओं ने संगीत की इस महफिल में गोते लगाए।  कार्यक्रम में हर वर्ग और उम्र के संगीत प्रेमी सुनने के लिए जमे रहे। लंबे समय बाद ऐसा मौका था कि जब मंडळ के सभागार में अलग-अलग घराने से तालीम लेने वाले तबला वादकों ने मंच साझा किया। इनकी संगत का श्रोताओं ने भरपूर आनंद उठाया। इस दौरान पखावज, फर्रूखाबाद दिल्ली और अजराड घरानों की बंदिशें और जुगलबंदी सुनने को मिली।

मुंबई से आए 84 वर्षीय पंडित सुधाकर पैठणकर फर्रुखाबाद घराने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे है। उन्होंने चर्चा में बताया कि 14 साल की उम्र में पंडित नारायण जोशी को गुरु बनाया। उन्होंने बताया कि यहां कई घरानों के तबला वादन का संयोग सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र मंडळ में कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में युवाओं की रूचि देखकर हर्ष हुआ। कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय काळे, उपाध्यक्ष श्यामसुंदर खंगन, सचिव चेतन दंडवते, अनिल श्रीराम काळेले, रंजन मोडक, भारती पलसोदकर, अजय पोतदार, सुमित मोडक,  अभय भागवतकर सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।