रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर स्कूल के 40 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर रि-यूनियन कार्यक्रम ‘मिलाप’ में बड़ी संख्या में भूतपूर्व विद्यार्थी जुटे। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से जमकर धमाल मचाया। पूर्व छात्रों ने अपनी कक्षाओं में बैठकर पुराने दिनों को याद किया।
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों को उनकी सफलताओं के लिए बधाई दी। काले ने कहा कि जीवन में एक विजन होना चाहिए, ताकि हम उस दिशा में मेहनत कर सफलता हासिल कर सकें। मंडल के वरिष्ठ सभासदों ने 40 वर्ष पूर्व युवावस्था में एक विजन के साथ स्कूल को शुरू किया। यह विजन आज भी बरकरार है। वहीं आपकी सफलता में आपके विजन का महत्वपूर्ण योगदान है।
सचिव चेतन दंडवते ने अपने संबोधन में पूर्व छात्रों का मार्गदर्शन दिया। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने स्वागत भाषण में पूर्व छात्रों को गर्व का अहसास कराया। शिक्षिका अस्मिता कुसरे, चित्रा जावलेकर और सुदेवी विश्वास ने पूर्व छात्रों के साथ मिलकर मिलाप-24 की रूपरेखा तैयार की थी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अराधना लाल ने किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में पूर्व छात्रों की कमेटी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 12वीं के छात्रों निशिता रोकड़े और टीम ने बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी। पूर्व छात्र अकरम और सागर ने बेहतरीन डांस परफॉर्मेंस से 'मिलाप' में रंग जमाया। तुषार वालगुंजे ने गिटार पर सदाबहार गानों की धुन से सभी को मंत्रमुग्ध किया। इसी तरह एक के बाद एक मनोरंजक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम घंटों चलता रहा।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व छात्र व असिस्टेंट प्रोफेसर एग्रीकल्चर कॉलेज डा. सौरभ पदमशाली ने किया। कार्यक्रम की समाप्ति पर लजीज डिनर संग आकर्षक आतिशबाजी की गई।