दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बेखौफ चंद्रशेखर ने जज को अपना नाम बताया था आजाद: काले

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि सादगीपूर्ण मनाई गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों व सदस्यों को वक्ताओं ने आजाद की आजादी के जुनून से जुड़ी वीर गाथाओं से अवगत कराया। 
 
महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल कालेले ने कहा कि महज 25 वर्ष की आयु वाले चंद्रशेखर आजाद ने स्वतंत्रता आंदोलन में वह सब कर दिखाया, जिसे सिर पर कफ़न बांधे कोई जुनूनी क्रांतिकारी ही कर सकता है। चंद्रशेखर ने बचपन में जलियांवाला बाग कांड के बाद ही समझ लिया था की अंग्रेजों को ईंट का जवाब पत्थर से देना होगा। अंग्रेजों को शब्दों की भाषा समझ में नहीं आती इसीलिए उनसे बंदूकों से निपटना होगा। 
 
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि बचपन से ही जिद्दी और गुस्सैल प्रवृत्ति के चंद्रशेखर आजाद को धनुर्विद्या और निशानेबाजी का अवसर मिला। जब भी मौका मिलता वे इसका अभ्यास करते। काले ने कहा कि सन 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान आजाद महात्मा गांधी से जुड़े। अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन करते हुए गिरफ्तार किए गए। अदालत में जज ने जब उनसे नाम पूछा, तो उन्होंने बताया 'आजाद'। पिता का नाम पूछा गया तो कहा 'स्वतंत्रता'। उनके बेखौफ रवैये से तिलमिलाए जज ने उन्हें 15 कोड़े मारने करने की सजा दी। कोड़ों की मार झेलते हुए चंद्रशेखर के मुंह से ऊफ तक नहीं निकाला, बल्कि प्रत्येक कोड़ों की मार के बाद वे भारत माता की जय के नारे लगाते थे। सजा भुगतने के बाद जेलर ने उन्हें तीन आने पुरस्कार के रूप में दिए तो उन्होंने जेलर के मुंह में वह पैसे फेंक मारे। इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश के चंद्रशेखर तिवारी को चंद्रशेखर आजाद के नाम से पहचान मिली। 
 
वरिष्ठ आजीवन सभासद दीपक पात्रीकर ने कहा कि आजादी के दीवाने क्रांतिकारियों के बीच चंद्रशेखर आजाद हमेशा कहा करते थे कि 'दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे। हम आजाद हैं और आजाद ही रहेंगे।' आज भारत देश को ऐसे ही जुनूनी, जिद्दी और कुछ कर गुजरने की ठान कर रखने वाले साहसी देशप्रेमियों की जरूरत है। ताकि देश की अखंडता, स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और धर्मनिरपेक्षता अक्षुण्य रखी जाए सके। 
 
आजाद की पुण्यतिथि कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, सह सचिव गीता दलाल, कार्यकारिणी सदस्य दीपक किरवईवाले, परितोष डोनगांवकर, स्वास्थ्य समिति के प्रमुख अरविंद जोशी, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, युवा समिति के नवीन देशमुख, शैलेष चिंचोलकर समेत अनेक  सदस्य उपस्थित रहे।