गम भूलाकर परिवार ने किया पिता का नेत्रदान, अब दो लोग देखेंगे दुनिया
रायपुर। गम की घड़ी में महत्वपूर्ण फैसला लेना आसान नहीं होगा। महाराष्ट्र मंडळ के आजीवन सभासद के परिजनों ने गम की घड़ी में नेत्रदान जैसा अहम फैसला लिया। शैलेद्र नगर निवासी दत्तात्रय गजानंद चौधरी का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इस दुख की घड़ी में महाराष्ट्र मंडळ के नेत्रदान प्रभारी विक्रम हिशीकर के अनुरोध पर परिजनों ने अहम निर्णय लेते हुए दतात्रय चौधरी के नेत्रदान का फैसला लिया। अब उनकी आंखों से दो लोग दुनिया देख सकेंगे।
महाराष्ट्र मंडळ के नेत्रदान प्रभारी विक्रम हिशीकर ने बताया कि दुख की इस घड़ी में दत्तात्रय गजानंद चौधरी के पुत्र ज्ञानेश चौधरी, उप पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी और महेश चौधरी ने पिता के समाजसेवी विचारों का सम्मान करते हुए नेत्रदान में सहयोग दिया। उनकी यह पहल लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।
दुख की इस घड़ी में उप पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने अपने भाईयों औऱ परिजनों को नेत्रदान के लिए सहमत किया। विक्रम हिशीकर ने कहा कि रायपुर एम्स में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। अब उनकी आंखों से दो बच्चे दुनिया देख सकेंगे। गम की बेला में उनके परिजनों के आंखों में नेत्रदान का सुकून झलक रहा था।