‘सगा पुतानी’ छत्तीसगढ़ी कविताओं की शानदार नाट्य प्रस्तुति 24 जून की शाम राजधानी रायपुर में
रायपुर। छत्तीसगढ़ी बोली और संस्कार पुरातन काल से इतने समृद्ध हैं, कि जिन लोगों ने उनका मान रखा, बुजुर्गों के दिए संस्कारों का पालन किया उनकी जिंदगी सफल हो गई। आज की युवा पीढ़ी कहीं न कहीं इन संस्कारों से और छत्तीसगढ़ी बोली से दूर होती जा रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवा लेखक, कवि और साहित्यकार मिनेश कुमार साहू ने छत्तीसगढ़ के संस्कारों को छत्तीसगढ़ी कविता के माध्यम से पिरोया है। इस रचना को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा रंगभूमि के रंग साधकों और महाराष्ट्र मंडल ने उठाया। बुजुर्गों के दिए इन संस्कारों की रचना ‘सगा पुतानी’ की शानदार नाट्य प्रस्तुति सोमवार, 24 जून को शाम 7.30 बजे वृंदावन हाल रायपुर में होगी।
युवा रंग साधक लोकेश साहू और नितीश यादव ने बताया कि हमारी छत्तीसगढ़ी संस्कृति और संस्कार हमें समृद्ध बनाते हैं। कवि मिनेश कुमार द्वारा रचित काव्य रचना की नाट्य प्रस्तुति में बुजुर्गों की बात.... महतारी के पीरा...., पीका झन फूटए कभू मन म अभिमान के... गरीब के पीरा और नशा पानी के गोठ कविता की जीवंत नाट्य प्रस्तुति रंग भूमि के कलाकार देंगे। जिसकी प्रस्तुति में रंगभूमि टीम की संगीता निषाद, सुषमा गायकवाड़, अन्नया निषाद, मानवी साहू, नीरज सिंह ठाकुर, जय प्रकाश साहू, लोकेश साहू, नितीश यादव, आकाश वरठी, चैतन्य मोड़क, नरेंद्र यादव, भूपेंद्र कुमार नजर आएंगे। वहीं संगीत में तिलक भोगल, अर्जुन दास मानिकपुरी, मोहन साहू, नारायण साहू और संत फरिकार साथ देंगे। कार्यक्रम का निर्देशन आचार्य रंजन मोड़क ने करेंगे।