दिव्य महाराष्ट्र मंडल

प्रिया बक्षी कराएंगी बाल नाट्य समारोह, एकांकी का जिम्मा अपर्णा को

0- महाराष्ट्र नाट्य मंडल के सालभर के कार्यक्रम सुनिश्चित कर सौंपी गईं जिम्मेदारियां

रायपुर। महाराष्ट्र नाट्य मंडल की हाल ही में हुई सामान्य सभा के बाद मंगलवार की देर शाम कार्य विभाजन की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें नाट्य मंडल की अध्यक्ष डॉ. अभया जोगलेकर ने न केवल सालभर की गतिविधियों को सुनिश्चित किया, बल्कि इनके क्रियान्वयन को लेकर जिम्मेदारियां भी निर्धारित कीं। कई वर्षों बाद महाराष्ट्र मंडल में गणेशोत्सव के दौरान बाल नाट्य समारोह होगा। इसकी जिम्मेदारी प्रिया बक्षी को सौंपी गई है। इसी तरह एकांकी समारोह की जिम्मेदारी अपर्णा कालेले संभालेंगी। 
 
महाराष्ट्र नाट्य मंडल के कार्यवाह प्रसन्न निमोणकर ने बताया कि संस्थागत एकांकी के संयोजक प्रा. अनिल श्रीराम कालेले होंगे। जबकि सहसंयोजक के रूप में प्रसन्न निमोणकर और परितोष डोनगांवकर उनके साथ होंगे। गणेश उत्सव के दौरान 'भानगड़ पहावी लपवून' (लफड़ा छुपा कर दिखाओ) नाटक का मंचन किया जाएगा। इसकी रिहर्सल जुलाई माह से महाराष्ट्र मंडल में जारी है। 
 
निमोणकर के मुताबिक संस्थागत नाट्य मंचन के संयोजक और सहसंयोजक संस्थागत एकांकी के ही बने रहेंगे। स्पर्धा के सुव्यवस्थित आयोजन की जिम्मेदारी प्रिया पक्षी को सौंप गई है और उनके साथ किशोरी खंगन, वंदना निमोणकर, भगीरथ कालेले सहसंयोजक के रूप में सहयोग करेंगे। एकांकी समारोह में संयोजक अपर्णा कालेले के साथ गौरी क्षीरसागर, वंदना निमोणकर और कुंतल कालेले होंगी। 
 
प्रसन्न निमोणकर ने बताया कि नवंबर 2024 में प्रस्तावित स्व. राजू निंबोरकर स्मृति नाट्य शिविर की जिम्मेदारी पवन ओगले के कंधों पर होगी। सुमीत मोडक व भगीरथ कालेले उनके साथ होंगे। जनवरी- फरवरी 2025 में लोकनाट्य प्रोत्साहन कार्यक्रम के आयोजन की योजना तैयार है। इसे धरातल पर लाने की जिम्मेदारी नाटक मंडल के कार्यवाह प्रसन्न निमोणकर की होगी। उनके साथ सह संयोजक होंगे परितोष डोनगांवकर, रविंद्र ठेंगड़ी  और सुशांत गुप्ते। महाराष्ट्र नाट्य मंडल के प्रचार- प्रसार की संपूर्ण जिम्मेदारी अनिल श्रीराम कालेले के मार्गदर्शन में रविंद्र ठेंगड़ी की होगी। 
 
कार्यप्रभार वितरण बैठक में गणेश उत्सव को लेकर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष डॉ. अभया जोगलेकर ने बाल नाट्य समारोह के आयोजन को लेकर अभी से तैयारी करने का आग्रह किया है। तैयारी के संबंध में प्रिया बक्षी ने बताया कि इसी सप्ताह बाल नाटकों के समारोह में प्रवेश को लेकर विभिन्न स्कूलों और संस्थानों में पत्र प्रेषित किए जाएंगे। इसमें समारोह के नियम- शर्तों का विशेष रूप से उल्लेख होगा।