महाराष्ट्र मंडल में डायबिटिक रिवर्सल प्रोग्राम: शुगर को रखना है कंट्रोल तो यह चार प्वाइंट दिलाएंगे आपको राहत
0- रोटरी क्लब और महाराष्ट्र मंडल का संयुक्त आयोजन
रायपुर। रोटरी क्लब आफ रायपुर ग्रेटर व महाराष्ट्र मंडल रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क डायबिटिक रिवर्सल प्रोग्राम फ्रीडम फ्रॉम डायबिटीज का आयोजन शुक्रवार, 30 अगस्त को महाराष्ट्र मंडल में किया गया। इस कार्यक्रम में पुणे के प्रसिद्ध डॉ. शुभांकर महापुरे ने डायबिटीज और बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के विषय पर अपने विचार दिए।
डॉ. महापुरे ने कहा कि शुगर का सबसे बड़ा कारण ताकत का कम होना है। शुगर का संबंध आपकी डेली रूटीन, तनाव और जेनरिक से है। कब उठाना है, कब टहलना है, कब... कितना खाना है, क्या खाना है, क्या नहीं खाना है, सुबह का नाश्ता कैसा होना चाहिए, दोपहर का खाना कैसा होना चाहिए, शाम का नाश्ता कैसा होना चाहिए और उसके बाद रात का खाना कैसा, कब और कितने समय होना चाहिए। यह सब चीज शुगर में बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। अगर आपकी रुटीन भी हमारे बताए अनुसार नहीं होगी, तो किसी भी उम्र में आपको शुगर हो सकता है। आज हमारा खानपान चेंज हो गया है, शुगर का सबसे बड़ा कारण यही है। हर बार हमें लगता है कि हमने शुगर की दवाई ले ली, तो हमारा शुगर ठीक हो गया। ऐसा नहीं होता है। दवाई सबसे लास्ट पार्ट है|
डॉ. महापुरे ने पॉइंट वाइज हेल्थ कम करने को लेकर और डायबिटीज कम करने को लेकर बहुत ही अच्छे- अच्छे टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि फ्रीडम फॉर डायबिटीज के 14 देश में 92 क्लब है। इसमें वे मधुमेह में वह मोटापा से राहत दिलाने में अपनी महंती भूमिका निभा रहे हैं। अभी तक इन्होंने 1200 बीपी के मरीज व 16 हजार शुगर के मरीजों को ठीक किया है।
इन चार स्टेप का करें पालन:-
0. डाइट कंट्रोलः खान-पान में विशेष ध्यान दें। दूध से बनी चीज नहीं खानी है, सुबह नाश्ते में 25 प्रतिशत सलाद खाना है। ग्रीन सब्जियां 25 फीसदी खाना है। 50 प्रतिशत पकी हुई चीज खाना है। ऐसे ही दोपहर के खाने में 50 फीसदी सलाद और 50 प्रतिशत पकी हुई। शाम के नाश्ते में शाॅप नट्स और सीट्स खा सकते हैं। रात को खाने में 25 परसेंट सलाद 25 फीसदी स्प्राउट और 50 प्रतिशत पक्की हुई चीज खाना चाहिए।
0. खुद को फिट रखने के लिए हमें एक्सरसाइज करनी है। एक्सरसाइज के दौरान हमारे शरीर के सभी बॉडी पार्ट्स में मूमेंट्स होना चाहिए। इस तरीके से हमें एक्सरसाइज करनी है, जैसे पहले स्कूल में पीटी करवाई जाती थी।
0. हमें ऐसी भी एक्सरसाइज करनी है, जो हमारे दिमाग के लिए हो। दिमाग की एक्सरसाइज में योगा व ध्यान हमको करना है। इससे हम मानसिक तौर पर मजबूत होंगे। इसका असर हमारे शरीर में भी देखने को मिलेगा।
0. डॉक्टर के बताए अनुसार दवाई का सेवन करना है। अब हम मोटापे को लेकर बातें करते हैं। मोटापा मतलब चर्बी का शरीर में ज्यादा होना। सामान्य तौर पर हमें यह लगता है कि चर्बी पेट में होती है, पर ऐसा नहीं है। चर्बी पेट के साथ- साथ आपके मसल्स में भी होती है।