दिव्य महाराष्ट्र मंडल

युवा स्वयं का स्टार्टअप खड़ा करें और जॉब सीकर के स्थान पर जॉब प्रवाइडर बनेः डॉ मंजिरी बक्षी

- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुआ स्वावलंबी भारत अभियान के तहत है तैयार हम का आयोजन

- स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत विचार प्रमुख ने बच्चों को बताया कैसे विकसित करें क्रिएटिव थिंकिंग

रायपुर। हर वर्ष भारत की जनसंख्या में 12 करोड़ नए लोग जुड़ जाते हैं। आज देश की दो तिहाई जनसंख्या 35 की उम्र की है। 15 से 29 की उम्र के युवा ही 37 करोड़ है। युवाओं की क्षमताओं का विकास एवं उपयोग करके ही देश के लिए  तेजी से विकास करना संभव है। वर्तमान में रोजगार सृजन, एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। युवा स्वयं का स्टार्टअप खड़ा करें और जॉब सीकर के स्थान पर जॉब प्रवाइडर बने। उक्ताशय के विचार स्वदेशी जागरण मंच की प्रांत विचार विभाग प्रमुख एवं महाराष्ट्र मंडल की आजीवन सदस्य डॉ मंजिरी बक्षी  ने संत ज्ञानेश्वर स्कूल एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वाधान में स्कूल में आयोजित है तैयार हम कार्यक्रम के दौरान कहीं।

 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में डॉ एसके टांक और स्वावलंबी भारत अभियान के सदस्य एसके शर्मा प्रमुख रुप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुभारंभ अतिथि परिचय एवं सूत माला से स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर ‘37 करोड़ स्टार्टअप का देश भारत पुस्तक का विमोचन शाला की इंचार्ज, शिक्षिकाओं एवं मंचस्थ अतिथियों ने किया।

डॉ मंजिरी बक्षी  ने बच्चों को इतने स्टार्टअप के बीच नये आइडिया और क्रिएटिव थिंकिंग विकसित करने को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव योग कराने आए थे, आज उनकी सोच उन्हें कहा से कहा ले गई। इस तरह ओला-ऊबर का नया विचार भी लोगों को भाया। ओला ऊबर के पहले भी टैक्सी चलती थी, लेकिन ओला-ऊबर ने इसे काफी इजी कर दिया। उन्होंने बच्चों को देशभक्ति गीत सुनाए और देश की सेवा उद्यमी बनकर करने की बात कहीं। उन्होंने बच्चों से कहा कि आज की जनरेशन को नौकरी नौकरी ढूंढने वाला नहीं अपितु नौकरी देने वाला बनने की जरूरत है।  एसके शर्मा ने कार्यक्रम की प्रस्थावना रखी। शिक्षिका आराधना लाल ने कार्यक्रम का संचालन और तृप्ति अग्निहोत्री ने धन्यवाद ज्ञापित किया।