सुबह उठते ही आंखों में रहता है धुंधलापन.... जानिए कब लें डॉक्टर से सलाह
डेस्क। रात में देर से सोने के कारण आमतौर पर लोगों को सुबह उठने पर धुंधलापन की शिकायत होती है। यह धुंधलापन लोगों को कुछ सेंकड से कुछ मिनटों तक महसूस होता है। ऐसी शिकायत अगर कभी कभार हो रही है तो यह सामान्य घटना हो सकती है, लेकिन यह प्रतिदिन होने लगे तो इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और राजधानी के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिनेश मिश्रा ने बताया कि नींद के दौरान आंखों की नमी कम हो जाती है। पंखे या AC में सोने से यह समस्या और बढ़ सकती है। रात में देर तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की रोशनी आंखों की थकान और सूखापन बढ़ाती है। पर्याप्त नींद न मिलने या नींद बार-बार टूटने से आंखों में सूजन और धुंधलापन हो सकता है। सोते समय आंखों की सतह पर म्यूकस जमा हो जाता है, जिससे धुंधला दिखाई देता है। अचानक उठने पर आंखों और दिमाग तक रक्त का प्रवाह अस्थायी रूप से कम हो सकता है। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
डा. दिनेश मिश्रा ने कहा कि अगर धुंधलापन 15 मिनट से ज्यादा रहे, आंखों में दर्द या जलन हो, सिरदर्द, उल्टी, चक्कर, रोशनी की चमक या फ्लैश दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इससे बचने के लिए सुबह उठकर आंखों को ठंडे पानी से धोएं। रात में मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें। डॉक्टर की सलाह से सोने से पहले आई ड्रॉप का उपयोग करें। रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की पूरी नींद लें। परिवार के किसी अन्य सदस्य की आंखों की दवा बिना डाक्टरी सलाह आंखों में न डाले। न ही दूसरों का चश्मा लगाए। क्योंकि सभी की आंखों को नंबर अलग-अलग होता है। दवा उपयोग करने के पहले उसकी एक्सपायरी डेट अवश्य देख लें । स्कूल बच्चों का 6 माह में एवं वयस्कों का प्रति वर्ष परीक्षण कराना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियों और सलाद ज्यादा लें।