कृष्ण जन्माष्टमी पर घर ले आएं ये चीजें... सुख, शांति के साथ समृद्धि का घर पर हो जाएगा स्थाई वास
2023-09-04 12:36 PM
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भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने लगभग घरों में तैयारियां शुरु हो चुकी होंगी। गृहस्थ आश्रम यानी घर—परिवार वालों के लिए 6 सितंबर को 'जन्माष्टमी' मनाए जाने कहा जा रहा है। विद्वानों के मुताबिक 6 और 7 दोनों दिवस पर जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा, लेकिन सर्वाधिक शुभबेला जिसे अमृतयोग कहा जाता है, वह 6 सितम्बर को है।
भाद्रपक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण ने द्वापर में माता देवकी की कोख से जन्म लिया, जिसके बाद राक्षस कंस से बचाने के लिए नंदबाबा ने नन्हें गोपाल को माता यशोदा की गोद में सौंप आए थे। गोकुल में पले—बढ़े भगवान कृष्ण की बाल लीला ही थी, जो आज भी प्रत्येक सनातनी को अपनी ओर आकर्षित करती है। उनका सिखाया प्रेम का पाठ आज भी यथार्थ स्वरूप में नजर आता है।
भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने हर घर में अपनी अलग तैयारियां होती है, पर उनके प्रति प्रेम का भाव हर किसी का समान होता है। ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर कुछ चीजों को घर पर लाने से सुख, शांति और समृद्धि का घर पर स्थाई वास हो सकता है।
कामधेनु गाय — भगवान कृष्ण को गोकुल, ग्वालों, गोपियों के साथ ही गौवंश से भी बेहद प्रेम था। ऐसे में कामधेनु गाय को प्रतीक स्वरूप लाया जाना और उसे अपनी तिजोरी या फिर अपने मंदिर में रखना बेहद शुभ व लाभकारी माना गया है।
बांसुरी — भगवान कृष्ण को राधारानी से जितना प्रेम था, उतना ही प्रेम वे बांसुरी से करते थे। बांसुरी की धुन सुनकर राधारानी खींची चली आती थी। इसलिए माना गया है कि जन्माष्टमी में भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी भेंट करने से माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बरसती रहती है।
वीणा — कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर घर पर यदि वीणा लाकर शांत कोने में रखा जाए और उसकी साफ—सफाई का हमेशा ख्याल रखा जाए, तो परिवार के सभी सदस्यों की बुद्धि का विकास होता है और घर पर हमेशा शांति का वातावरण बना रहता है।
शहद, चंदन — भगवान श्रीकृष्ण को शहद स्नान कराया जाता है और चंदन का लेप लगाया जाता है। इन दोनों को भी इस दिन घर लाने से लाभ मिलता है।