Health : सतर्क रहिये, ग्लूकोमा के लक्षण शुरुआती अवस्था में नजर नहीं आते.
डेस्क। ग्लूकोमा यानि कांच बिंदु देश में अंधत्व का सबसे बड़ा कारण है। यदि किसी व्यक्ति कि देखने की क्षमता कम हो रही है, आंखों में दर्द, सिरदर्द होना, कार्निया के आगे सफेद या धुंधलापन हो, आंखों की रोशनी कम होती जा रही है तो सावधान हो जाइए। यह ग्लूकोमा लक्षण हो सकते हैं। इस बीमारी में आंखों पर प्रेशर बढ़ जाता है।
प्रतिदिन स्वस्थ आंखों में एक द्रव्य बनता है जो बाहर निकलता जाता है। आंखों का प्रेशर बढ़ जाने से यह द्रव्य को सामान्य गति से बाहर निकलने में रुकावट होती है, जिससे आंखों पर दबाव बढ़ता है। खास बात यह है कि इस बीमारी के लक्षण शुरुआती अवस्था में सामने नहीं आते हैं। यही कारण है कि आंखों की नियमित जांच न कराने वाले व्यक्ति तब चिकित्सक के पास पहुंचते हैं जब ग्लूकोमा का खतरा बढ़ चुका होता है।
डॉक्टरों द्वारा सलाह दी जाती है कि, 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग, लंबे समय तक स्टेराइड लेने वाले, शुगर से पीड़ित मरीज, व जिनकी आंख में चोट लगी हो उन्हें समय-समय पर आंखों की जांच कराना चाहिए। आँखों की बीमारी से पीड़ित लोगो को जागरूक होना चाहिए। ग्लूकोमा की गंभीर स्थिति में आंखों की रोशनी पूरी तरह जाने का खतरा रहता है। आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनो को इस बीमारी का खतरा रहता है, वही किसी भी उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है। ग्लूकोमा को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।