USAID फंडिंग विवाद: ट्रंप के बयान से भारत में मचा सियासी भूचाल
टीआरपी डेस्क। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद देने के जो बाइडेन प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं। यह फंडिंग अमेरिकी सहायता एजेंसी USAID के तहत दी गई थी, जिसे एलन मस्क के नेतृत्व वाले सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) ने अनावश्यक विदेशी खर्चों को समाप्त करने की पहल के तहत रद्द कर दिया। ट्रंप ने इस फैसले को लेकर बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह भारत की चुनावी प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप जैसा है।
ट्रंप के इस बयान के बाद भारत में भी राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने USAID की फंडिंग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने अपने एक्स (Twitter) पोस्ट में लिखा:
“मतदान बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर? यह निश्चित रूप से भारत की चुनावी प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप है। इससे किसे फायदा होता है? सत्ताधारी पार्टी को तो बिल्कुल नहीं।”
मालवीय ने आगे अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सोरोस कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के करीबी सहयोगी रहे हैं, और यह विदेशी फंडिंग भारत की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
भाजपा नेताओं ने भारत के चुनावों में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर पहले भी चिंता जताई थी। इस विवाद के बीच मालवीय ने 2012 में भारत निर्वाचन आयोग और द इंटरनेशनल फाउंडेशन फॉर इलेक्टोरल सिस्टम्स (IFES) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी सवाल उठाए, जिसका उद्देश्य चुनाव प्रबंधन और प्रशासन में सहयोग को बढ़ावा देना था।
डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे मामले पर बयान देते हुए कहा कि तत्कालीन बाइडेन सरकार गलत कदम उठा रही थी और उसकी मंशा भी कुछ और लग रही थी। किसी और को चुनाव जिताने की कोशिश थी। हमें भारत सरकार को सच बताना होगा।