देश-विदेश

हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत... तो बच जाएगी सदस्यता... नहीं तो राहुल गांधी...

दिल्ली। लोकसभा सचिवालय ने सूरत सेशन न्यायालय के आदेश को आधार मानते हुए राहुल गांधी की सदस्यता को निरस्त किया है। इसे अंतिम परिणाम के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि अभी भी राहुल गांधी के पास दो विकल्प हैं, जहां अपील किया जा सकता है और सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती दी जा सकती है। 

राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने 'मोदी' सरनेम लिखने वालों पर कथित तौर पर टिप्पणी की थी, जिससे नाराज होकर 'मोदी' सरनेम वालों ने आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। मामला चार साल पुराना होने की बात भी सामने आई है, जिस पर सूरत सेशन कोर्ट ने 23 मार्च 2023 को बड़ा फैसला लेते हुए राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुना दी। जिसके बाद जमानत पर राहुल गांधी को रिहा कर दिया गया था। 

अभी राहुल के पास हैं यह विकल्प

राहुल को अपनी सदस्यता को बचाए रखने के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं। वो अपनी राहत के लिए हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं, जहां अगर सूरत सेशन कोर्ट के फैसले पर स्टे लग जाता है तो सदस्यता बच सकती है। हाईकोर्ट अगर स्टे नहीं देता है तो फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से अगर स्टे मिल जाता है तो भी उनकी सदस्यता बच सकती है, लेकिन अगर ऊपरी अदालत से उन्हें राहत नहीं मिलती तो राहुल गांधी 8 साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

----------