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हाइपरलूप परियोजना के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी का विकास आईसीएफ चेन्नई में किया जाएगा : अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली | केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि हाइपरलूप परियोजना के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स घटक प्रौद्योगिकी चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में विकसित की जाएगी। उन्होंने आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैम्पस स्थित हाइपरलूप परीक्षण सुविधा केंद्र का दौरा किया और इसका लाइव प्रदर्शन देखा।

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आईआईटी चेन्नई में स्थित 410 मीटर लंबी हाइपरलूप टेस्ट ट्यूब एशिया की सबसे लंबी हाइपरलूप परीक्षण सुविधा है।

पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हाइपरलूप परिवहन के लिए संपूर्ण परीक्षण प्रणाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके विकसित की गई है और उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी युवा प्रतिभाओं को बधाई दी।

अश्विनी वैष्णव ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत शीघ्र ही हाइपरलूप परिवहन के लिए तैयार हो जाएगा, क्योंकि वर्तमान में विकासाधीन हाइपरलूप परिवहन प्रौद्योगिकी ने अब तक किए गए परीक्षणों में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं।

रेल मंत्रालय ने हाइपरलूप परियोजना के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की है। इस हाइपरलूप परियोजना के लिए सभी इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी चेन्नई स्थित आईसीएफ में विकसित की जाएगी। श्री वैष्णव ने कहा कि आईसीएफ कारखाने के विशेषज्ञों ने वंदे भारत हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम को सफलतापूर्वक विकसित किया है और हाइपरलूप परियोजना के लिए यह इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी भी आईसीएफ में विकसित की जाएगी।

अश्विनी वैष्णव ने इस सफल प्रयोग के लिए आईआईटी चेन्नई और आविष्कार संगठन के युवा नवप्रवर्तकों को बधाई दी।

बाद में, अश्विनी वैष्णव ने गिंडी स्थित आईआईटी चेन्नई परिसर का दौरा किया और आईआईटी के इनोवेशन सेंटर द्वारा आयोजित प्रदर्शनी ओपन हाउस 2025 का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों और युवा नवप्रवर्तकों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनेगा।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि युवा डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और भारत में दुनिया में सबसे अधिक कुशल युवा हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्तमान में देश में पाँच सेमीकंडक्टर प्रणालियां कार्यरत हैं और भारत में निर्मित पहला सेमीकंडक्टर इस वर्ष के अंत तक लॉन्च किया जाएगा।

वैष्णव ने प्रदर्शनी के दौरान आयोजित नवाचार प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए तथा उन्हें और अधिक नए आविष्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया। आईआईटी चेन्नई के निदेशक डॉ. कामकोटि भी समारोह में शामिल हुए।

 

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