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BIG NEWS : मुख्यमंत्री के खिलाफ अनशन पर बैठेंगे कांग्रेस के ये दिग्गज... मुख्यमंत्री की रेस में था इनका नाम... क्या है मामला, पढ़िए

देश के तीन राज्यों में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। इन तीन राज्यों में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यमप्रदेश शामिल है। इन तीनों ही राज्यों में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और सत्ता पर काबिज हुए थे। परिणाम आने के बाद से राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस गुटीय राजनीति में उलझी रही, जिसका परिणाम है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के हाथ से सत्ता छिन गई। यही हाल राजस्थान का है, जहां मुख्यमंत्री गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच लकीर खींची हुई है। छत्तीसगढ़ को भी इससे अलग नहीं कहा जा सकता, लेकिन यहां पर तस्वीर वैसी नहीं है कि विपक्ष उसका फायदा उठा पाए। 

ताजा मामला एक बार फिर राजस्थान से ही सामने आ रहा है, जहां पर चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर 'रण' शुरू हो गया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। 

उन्होंने गहलोत पर BJP के नेताओं को बचाने का आरोप लगाया है। पायलट ने अशोक गहलोत पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ साठगांठ का आरोप लगााया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने के दौरान जितने भी घोटाले हुए अशोक गहलोत ने सब दबा दिए। 

पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वादा किया था कि सत्ता में आएगी तो भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेंगे, मगर मिलेजुले खेल में सारे मामले दबा दिए गए। जब हमारी सरकार बनी थी, तब भ्रष्टाचार को लेकर हमने मिलकर कई बातें कहीं थीं, लेकिन अब तक यह काम नहीं हुए है।
 
पायलट का बड़ा ऐलान

सचिन पायलट ने कहा कि मैं 11 अप्रैल को शहीद स्मारक पर एक दिन का अनशन करूंगा। यह अनशन उन बातों को रखने और उन्हें करने को लेकर किया जाएगा, जो अब तक हमारी सरकार द्वारा नहीं हुईं। सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दो चिट्ठियां लिखी हैं और कहा है कि हमने और आपने जो आरोप लगाए थे, उनकी जांच करवाइए, मगर कुछ नहीं हुआ। सचिन पायलट अशोक गहलोत के आरोपों के वीडियो दिखा रहे हैं, जिसमें गहलोत ने वसुंधरा पर आरोप लगाए थे। 
 
सचिन पायलट ने कहा कि हमने विपक्ष में रहते हुए कड़ा संघर्ष किया था, जिसके कारण हम सत्ता में आए। विपक्ष में रहते हुए हमने वसुंधरा राजे सरकार के शासन में भ्रष्टाचार के कई मुद्दे उठाए। हमारी विश्वसनीयता तब होगी, जब विपक्ष में रहकर जो आरोप लगाए जाते हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। 


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