ईपीएफ अधिकारियों को दिया जा रहा “निवेश एवं जोखिम प्रबंधन” पर प्रशिक्षण
नईदिल्ली। ईपीएफ अधिकारियों के लिए नई दिल्ली स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (पीडीयूएनएएसएस) में “निवेश एवं जोखिम प्रबंधन” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन अकादमी के निदेशक कुमार रोहित ने किया। देशभर से प्रशिक्षण हेतु अकादमी पहुंचे अधिकारियों को संबोधित करते हुए रोहित ने उन्हें सत्रों के दौरान सक्रिय भागीदारी करने और खुले मन से प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निवेश प्रबंधन एवं वित्तीय विवेक पर केंद्रित इस प्रकार के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन पीडीयूएनएएसएस की एक समयानुकूल एवं सार्थक पहल है, जिससे अधिकारियों की वित्तीय समझ तथा रणनीतिक निर्णय क्षमता को और सुदृढ़ होगी।
निदेशक कुमार रोहित ने बताया कि इस पहल के प्रेरणास्रोत केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) और पीडीयूएनएएसएस के डीन रमेश कृष्णमूर्ति हैं। उन्हीं की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व दृष्टि के माध्यम से अकादमी के पेशेवर विकास और संस्थागत उत्कृष्टता के निरंतर प्रयासों को दिशा मिलती है। रोहित ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को ईपीएफओ अधिकारियों के क्षमता निर्माण और कौशल उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण व दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने इस अवसर पर विवेकानंद गुप्ता, आरपीएफसी-II का उदाहरण देते हुए यह बताया कि उन्हें विश्व बैंक और मिल्केन इंस्टीट्यूट के पब्लिक फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट (पीएफएएम) कार्यक्रम 2025–26 के लिए चुना गया है, जिसका आयोजन यूनाइटेड किंगडम के बेयस बिजनेस स्कूल में किया जा रहा है। यह उपलब्धि ईपीएफओ अधिकारियों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पेशेवर पहचान और क्षमताओं को प्रदर्शित करती है।
आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल, हैदराबाद के प्रोफेसर सतीश कुमार इस कार्यक्रम में संसाधन कार्मिक के रूप में आमंत्रित थे। उन्होंने संस्थागत निवेश, पोर्टफोलियो निर्माण, बॉन्ड मूल्यांकन, परिसंपत्ति-देयता प्रबंधन और जोखिम प्रबंधन के अंतर्गत पोर्टफोलियो मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषयों पर कई ज्ञानवर्धक सत्रों का संचालन किया। अपने व्याख्यानों के दौरान प्रोफेसर कुमार ने इस बात पर विशेष बल दिया कि “यदि किसी परिसंपत्ति का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता, तो उसका प्रबंधन भी संभव नहीं है।” उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि मूल्यांकन सभी निवेश निर्णयों का आधार है। प्रोफेसर सतीश कुमार ने प्रतिभागियों को आधुनिक पोर्टफोलियो सिद्धांत के जनक हैरी मार्कोविट्ज तथा कैपिटल एसेट प्राइसिंग मॉडल (सीएपीएम) और शार्प रेशियो के लिए प्रसिद्ध विलियम शार्प के योगदानों से भी अवगत कराया, जिन्हें वर्ष 1990 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।