स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ : राज्यपाल पटेल
भोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रोपित बीज को वट वृक्ष के रूप में देखकर हर्ष और गर्व हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी भारत की एकता का तीर्थ है। श्री पटेल एकता नगर गुजरात में आयोजित भारत पर्व के 11वें दिन 11 नवंबर के कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह उपरांत स्टेच्यू ऑफ युनिटी परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रीय एकता के तीर्थ पर हमारे राष्ट्रीय गौरव को नमन करने आए सभी भाई-बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव जिसका आधार लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखा उसके प्रतीक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की पावन धरा पर आना हम सभी के लिए तीर्थ के समान है।
भारत पर्व, सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन मात्र नहीं है; भारत की एकता, अखंडता और आत्मगौरव की भावना को नमन करने का प्रसंग है। इसिलिए भारत पर्व के अभूतपूर्व आयोजन में देश के सभी राज्यों, केन्द्र शासित क्षेत्रों की लोक संस्कृति, खान-पान, वस्त्र-विन्यास आदि के सम्मिलित प्रदर्शन के मंच भारत पर्व में हमारी अनेकता में एकता के भव्य स्वरूप देखने का अभूतपूर्व अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं इसी भाव की अभिव्यक्ति के लिए 1 नवंबर से 15 नवंबर तक आयोजित कार्यक्रमों में देश के सभी राज्यों के राज्यपाल भी सम्मिलित हो रहे है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन गुजरात के उर्जा, पेट्रोलियम कानून राज्यमंत्री कोशिक विकरिया ने दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि स्टेच्यू ऑफ युनिटी के निर्माण की संकल्पना से जुड़े जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री मंगुभाई पटेल मध्यप्रदेश के राज्यपाल के रूप में हम सब के बीच में उपस्थित हैं।
सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रमों की पहली प्रस्तुति मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के लोक नृत्य बधाई हो के साथ हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश, मणिपुर, नागालेंड और गुजरात राज्यों के लोक कलाकारों द्वारा कुल 9 प्रस्तुतियाँ दी गई। कार्यक्रम का विशिष्ट आकर्षण मध्यप्रदेश के विकास, इतिहास, कला, शिल्प और विरासत की धरोहरों को शोकेस करने वाली दृश्य-श्रव्य और नृत्य सहित कला के विभिन्न रूपों की मल्टीमीडिया प्रस्तुति रही।