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संशोधित झरिया मास्टर प्लान के पुनर्वास कार्यों की केंद्रीय मंत्री ने समीक्षा की

नईदिल्ली। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने धनबाद दौरे के दूसरे दिन झरिया कोयला क्षेत्र में पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संशोधित झरिया मास्टर प्लान (आरजेएमपी) के अंतर्गत बेलगरिया और करमाटांड पुनर्वास स्थलों पर जनहितैषी परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। रेड्डी को बीसीसीएल गेस्ट हाउस में सीआईएसएफ कर्मियों द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने  25 जून 2025 को संशोधित झरिया मास्टर प्लान (आरजेएमपी) अनुमोदित किया था जिसका उद्देश्य झरिया कोयला क्षेत्र में खदानों में आग लगने, भूमि धंसने और पुनर्वास से संबंधित दीर्घकालिक चुनौतियों का समाधान करना है। आरजेएमपी के अंतर्गत संकटग्रस्त क्षेत्रों से गैर-बीसीसीएल परिवारों का पुनर्वास राज्य सरकार के अधीन झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) द्वारा किया जा रहा है, जबकि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) अपने परिचालन क्षेत्रों के भीतर परिवारों के पुनर्वास के लिए जिम्मेदार है।

रेड्डी ने बेलगारिया पुनर्वास टाउनशिप में, जेआरडीए के प्रशासनिक भवन और एक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान का उद्घाटन किया जिसे निवासियों के लिए चौबीसों घंटे शासन, कुशल कॉलोनी प्रबंधन और समयबद्ध शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया है।

श्री रेड्डी ने प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनमें बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य (चरण II और III) शामिल हैं; सुरक्षा में सुधार और पर्यावरण के अनुकूल अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए 500 एलईडी सौर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना; चरण IV, VI, VII और VIII के लिए शेष विकास कार्य; और प्राथमिक विद्यालय को आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण सुविधाओं, स्वच्छता अवसंरचना, बिजली बैकअप और बेहतर शैक्षिक सुविधाओं के साथ एक आदर्श विद्यालय में उन्नत करना शामिल है।

जेआरडीए द्वारा विकसित सबसे बड़ी पुनर्वास बस्ती बेलगारिया को एक व्यापक पुनर्वास केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया है। आठ चरणों में 1,191 ब्लॉकों के साथ विकसित इस बस्ती में कुल 18,272 घर हैं, जिन्हें मजबूत नागरिक, सामाजिक और सामुदायिक बुनियादी ढांचे  है। जेआरडीए प्रशासनिक भवन और पीडीएस दुकान ₹1.23 करोड़ की परियोजना लागत से बनकर तैयार हो चुके हैं।

आजीविका सहायता की एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, बीसीसीएल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत पुनर्वासित परिवारों को 11 ई-रिक्शा वितरित किए गए, जिससे स्थायी आय सृजन और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए। रेड्डी ने बेलगारिया में की गई प्रगति की सराहना की और  परिवारों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ जीवन स्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध क्रियान्वयन, उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण और आजीविका-उन्मुख पुनर्वास के महत्व पर जोर दिया।

 

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