गोरखपुर क्लब संचालक के बेटे अम्बरीश की मौत ने शहर को झकझोर दिया
2026-04-25 09:05 AM
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गोरखपुर| गोरखपुर के एक प्रतिष्ठित और संपन्न परिवार में शुक्रवार की सुबह ऐसी खबर लेकर आई, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। अरबपति कारोबारी और गोरखपुर क्लब के संचालक अतुल श्रीवास्तव के बेटे अम्बरीश की अचानक मौत ने हर किसी को सवालों के बीच खड़ा कर दिया है। जहां शुरुआती जानकारी इसे आत्महत्या की ओर इशारा करती है, वहीं परिवार इसे एक हादसा बता रहा है। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि शहर के सामाजिक और कारोबारी हलकों में भी गहरी बेचैनी पैदा कर दी है।
फार्महाउस की खामोशी में गूंजी गोली
शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे अम्बरीश अपनी फॉर्च्यूनर कार से अकेले कुसमी जंगल स्थित अपने फार्महाउस पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद वह मोबाइल पर किसी से बात करते हुए सीधे तीसरी मंजिल पर चले गए। सुबह साढ़े 8 से 9 बजे के बीच अचानक गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनते ही वहां मौजूद कर्मचारी घबरा गए और दौड़कर ऊपर पहुंचे। तीसरी मंजिल पर जो दृश्य उन्होंने देखा, वह दिल दहला देने वाला था। अम्बरीश खून से लथपथ पड़े थे और उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
परिवार का दावा और पुलिस की जांच
घटना के बाद जहां पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, वहीं परिवार का कहना है कि यह एक हादसा है। परिजनों के अनुसार, अम्बरीश अपनी लाइसेंसी पिस्टल साफ कर रहे थे, तभी गलती से गोली चल गई। एसपी सिटी निमिष पाटिल के मुताबिक, 24 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे अम्बरीश के छोटे भाई नितिन श्रीवास्तव ने फोन कर घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में अम्बरीश को अपनी फॉर्च्यूनर से आते और फिर छत की ओर जाते हुए देखा गया है, जिससे घटना की टाइमलाइन स्पष्ट होती है।
घर से फार्महाउस तक का आखिरी सफर
अम्बरीश का घर सिविल लाइंस के पॉश इलाके पार्क रोड पर स्थित है, जबकि उनका फार्महाउस वहां से करीब 10 किलोमीटर दूर कुसमी जंगल में बना हुआ है। गुरुवार रात वह अपने घर में ही सोए थे। शुक्रवार सुबह उन्होंने फार्महाउस जाने के लिए ड्राइवर को बुलाया, लेकिन ड्राइवर के नहीं आने पर वह खुद ही कार लेकर निकल पड़े। घर से निकलने से पहले वह करीब एक घंटे तक घर में टहलते रहे, जो अब इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू बन गया है।
तीसरी मंजिल पर बना मौत का मंजर
फार्महाउस तीन मंजिला है, जिसकी तीसरी मंजिल पर 3-4 कमरे बने हुए हैं और सामने खुली छत है। वहीं नीचे गोदाम में टेंट हाउस का सामान रखा जाता है। घटना के वक्त फार्महाउस में करीब चार कर्मचारी मौजूद थे। गोली लगने के बाद अम्बरीश के मुंह से निकलकर गोली बाहर आ गई थी, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
एक सफल कारोबारी और सामाजिक पहचान
अम्बरीश एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से थे। उनके पिता अतुल श्रीवास्तव शहर के बड़े बिजनेसमैन हैं और ‘एके’ नाम से टेंट हाउस का कारोबार चलाते हैं। वह श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अम्बरीश खुद भी इस सभा के महामंत्री चुने गए थे। टेंट हाउस के साथ-साथ वह ठेकेदारी का काम भी करते थे और शहर के बड़े नेताओं और वीवीआईपी कार्यक्रमों में उनके टेंट लगाए जाते थे। इसके अलावा, गोरखपुर के तारामंडल रोड पर उनका ‘फाइव सेंस’ नाम से होटल भी है, जिसमें बैंक्वेट और रेस्टोरेंट की सुविधा है।
परिवार और निजी जिंदगी
अम्बरीश की शादी 2012 में दीपाली श्रीवास्तव से हुई थी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 10 और 8 साल है। वह दो भाइयों में बड़े थे, जबकि छोटा भाई नितिन उर्फ रानू भी एक सफल कारोबारी है। परिवार में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां काफी अहम थीं, जिससे यह घटना और भी ज्यादा संवेदनशील बन जाती है।
पोस्टमॉर्टम हाउस से घर तक उमड़ा जनसैलाब
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जहां शहर के कई प्रमुख लोग पहुंच गए। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह तथा सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला भी वहां मौजूद रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव घर लाया गया, तो अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ भी मौके पर मौजूद रहे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे माहौल में गहरा शोक पसरा हुआ था।
सवालों के बीच उलझी सच्चाई
अम्बरीश की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई एक हादसा था या फिर कोई गहरी वजह इसके पीछे छिपी है, इसका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल, एक खुशहाल और प्रतिष्ठित परिवार पर आई इस त्रासदी ने गोरखपुर को गमगीन कर दिया है।