देश-विदेश

गेहूं चावल की कीमतों में गिरावट के संकेत... देशवासियों के लिए साबित होगी बड़ी राहत

नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई और बिगड़ते बजट के बीच केंद्र सरकार देशवासियों के लिए राहत का पैगाम लेकर आने वाली है, जिसके संकेत मिल रहे हैं। इसके मुताबिक देश में चावल और गेहूं की कीमतों में गिरावट के आसार हैं। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने इस बात की जानकारी दी है कि सरकार ओपन मार्केट में अतिरिक्त 50 लाख टन गेहूं और 25 लाख टन चावल की बिक्री करेगी।

सरकारी गोदामों में भरपूर है गेहूं का स्टॉक
एक अगस्त को सरकार के गोदामों में 28.3 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक था जो एक साल पहले 26.6 मिलियन मीट्रिक टन हुआ करता था। ट्रेडर्स का मानना था कि सरकार को अपने स्टॉक से ओपन मार्केट में गेहूं बेचना चाहिए जिससे त्योहारी सीजन में सप्लाई बनी रहे और इसकी कमी को टाला जा सके।

सरकार कर रही घटाने की कोशिश
देश में लगातार खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं और इसके मद्देनजर सरकार के सामने मांग की जा रही थी कि इस दिशा में कोई ठोस कदम लिए जाएं। सरकार ने हाल ही में चावल के इंपोर्ट पर बैन लगाने का फैसला लिया था जिसके जरिए देश में चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके और इस कदम के जरिए देश में चावल की सप्लाई की कमी ना होने देने की कोशिश की गई।
 
 

महंगाई बड़ा मुद्दा बनने की आशंंका
साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव और इसी साल कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार को महंगाई के मुद्दे से निपटना और जरूरी हो चला था। टमाटर के दामों की आग उगलती महंगाई के चलते माना जा रहा है कि जनता पर इसका असर देखने को मिल सकता है। इस मुद्दे को भी साधने के लिए सरकार ने सस्ती दरों पर टमाटर की बिक्री शुरू करवाई थी। 

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