मुंंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार तूफान मचा हुआ है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को भाजपा ने 'मिशन 2024' का नाम दिया है और एनडीए हर हाल में हैट्रिक जमाना चाहती है। दो राय नहीं कि महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार एक बड़ा नाम है, ऐसे में एनसीपी यदि एनडीए की सहयोगी दल के तौर पर शामिल हो जाती है, तो विपक्ष की बढ़ी हुई मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ जाएंगी।
दरअसल, एनसीपी चीफ शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि शरद पवार को मनाने के लिए बीजेपी ने अजित पवार के जरिए एक बड़े ऑफर की पेशकश की है। हालांकि, शरद पवार ने साफ कर दिया कि बीजेपी के साथ जाने में उनकी कोई दिलचस्पी है।
शरद पवार ने भले ही साफ कर दिया हो कि बीजेपी के साथ जाने वालों के साथ उनका कोई संबंध नहीं है। न ही महाविकास अघाड़ी में कोई भ्रम है, लेकिन अघाड़ी में सहयोगी कांग्रेस के नेता और पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने बड़ा दावा किया है। चव्हाण ने दावा किया है कि बीजेपी ने अजित पवार के जरिए शरद पवार को बड़े ऑफर की पेशकश की है।
एक अखबार ने पृथ्वीराज चव्हाण के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि बीजेपी ने शरद पवार को केंद्र में कृषि मंत्री बनाने और नीति आयोग के अध्यक्ष पद का ऑफर दिया है। इसके अलावा सांसद सुप्रिया सुले और विधायक जयंत पाटिल को मंत्री बनाने की भी पेशकश की गई है।
इसलिए चर्चाओं का बाजार गर्म
दरअसल, हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पावर ने अपने चाचा शरद पवार से मुलाकात की थी। ये सीक्रेट मुलाकात पुणे में एक उद्योगपति के घर पर हुई थी। अजित इसी साल जुलाई में शरद पवार से बगावत कर महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। हालांकि, इस बगावत के बाद अजित ने डेढ़ महीने में शरद पवार से चार बार मुलाकात की है।