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Women-20: भारतीय नौसेना ने साझा किए अनुभव, बताया कैसे हासिल की डर पर जीत

 नईदिल्ली। भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों ने औरंगाबाद में हुए  जी-20 के तत्त्वावधान में विमेन-20 में अपने अनुभवों और जुड़ाव को साझा किया। ‘ब्रेकिंग दी बैरियर्सः स्टोरीज़ ऑफ अनकनवेंशनल विमेन’ विषयवस्तु के तहत श्रोताओं से बातचीत करते हुए महिला अधिकारियों ने अपने विचार और वृत्तांत प्रस्तुत किए।

लेफ्टिनेंट कमांडर स्वाति भंडारी ने बताया कि कैसे उन्होंने ऊंचाई से लगने वाले डर पर विजय प्राप्त की और एक कुशल नेवी-पायलट बन गईं। उन्होंने संचालन, खोज और बचाव मिशनों में कई बार उड़ान भरी है। उन्हें उनकी उपलब्धियों के लिये महिला दिवस 2022 पर नागर विमानन मंत्रालय ने सम्मानित किया था।

सर्जन कमांडर शाज़िया ख़ान कुशल स्त्रीरोग शल्य चिकित्सक हैं। उन्होंने डॉक्टर के रूप में और नौकायान के दौरान होने वाले अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हाल में राजस्थान में संपन्न होने वाली कार-रैली के अनुभव भी बताये। उन्होंने कहा कि इन सबने उनके व्यक्तित्व को आत्मविश्वास से भर दिया है।

लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत ने गर्व के साथ अपनी यात्रा के बारे में बताया, जो एनसीसी गणतंत्र दिवस परेड से शुरू होकर भारतीय नौसेना के दस्ते का नेतृत्व करने तक जाती है। उन्होंने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस पर 144 कर्मियों वाले दस्ते का नेतृत्व किया था।

लेफ्टिनेंट कमांडर ताविशी सिंह एक नौसैनिक निर्माणकर्ता हैं, जो शिपयार्ड में होने वाले निर्माण कार्यों की देखरेख करती हैं, ताकि युद्धपोतों को लॉन्च करने के पहले की तैयारी से लेकर उनकी आपूर्ति करने तक की सारी गतिविधियां सुचारु रूप से चलें।

दो महिला लेफ्टिनेंट कमांडर डिलना और रूपा, दोनों आईएनएसवी तारिणी पर तैनात हैं। दोनों दक्षिणी अटलांटिक के सफर पर हैं और नौवहन का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस तरह वे नौवहन करने वाली पहली एशियाई महिला बन जाएगी। दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजन में जुड़ीं।

नौसेना के एक वरिष्ठ सेवारत अधिकारी की पत्नी दीपा भट नायर ने नेवी वेलफेयर एंड वेलनेस संगठन (एनडब्लूडब्लूए) की भूमिका पर अपने विचार रखे। इस संगठन को नौसैनिकों की पत्नियां संचालित करती हैं। बदलते समय के साथ एनडब्लूडब्लूए भी आगे बढ़ता रहा और लैंगिक तटस्थता को उसने अपना लिया। श्रीमती नायर ने नौसैनिकों की पत्नियों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका को रेखांकित किया के वे कैसे एकजुट होकर नौसैनिकों के परिवारों की देखरेख करती हैं।
 

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