युगप्रवर्तक डा. हेडगेवार संघ सृजन का भव्य नाट्य अविष्कार का मंचन 7 नवंबर को
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में होगा मंचन
रायपुर। युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक और एक स्वतंत्रता सेनानी थे, उन्होंने 1925 में आरएसएस की स्थापना की, जिसका उद्देश्य देश को भीतर से मजबूत बनाने के लिए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करना था। उन्होंने 'अखंड भारत' और 'पूर्ण स्वतंत्रता' के लिए काम किया। गुरूजी के जीवन को चंद लफ्जों में या कुछ घंटों के नाट्य मंचन में समेट पाना असंभव है, लेकिन नागपुर के कलाकारों ने इसे साकार करने का जज्बा उठाया है। राजधानी के दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में शुक्रवार 7 नवंबर को शाम 5.30 बजे युगप्रवर्तक डा. हेडगेवार संघ सृजन का भव्य नाट्य अविष्कार का मंचन होगा। नाट्य मंचन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर होंगे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ज्येष्ठ प्रचारक रवि जी भूसारी विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।
आयोजन समिति के रोहित द्विवेदी ने बताया कि आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर संघ द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों पर इस नाटक का मंचन किया जा रहा है। यह दो घंटे का नाट्य मंच है, जिसमें नागपुर के कलाकार नजर आएंगे। नागपुर के नादब्रह्म, युगसंधान द्वारा निर्मित इस नाटक का लेखन डॉ. अजय प्रधान ने किया है, निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया है, जबकि इसका निर्माण पद्माकर धानोरकर ने किया है और संगीत शैलेश दानी ने दिया है।
रोहित द्विवेदी ने बताया कि संघ की स्थापना के पीछे प. पू. आद्यसार संघचालक डॉ. हेडगेवार के विचार को अनेक पुस्तकों और ग्रंथों में प्रस्तुत किया गया है। किन्तु संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर इसे 'युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार' नाटक के माध्यम से भी प्रस्तुत किया जा रहा है। राष्ट्र निर्माण का स्वप्न देखने वाले और संगठित समाज की मूर्ति गढ़ने वाले डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति प्रेरणा, विचार और दर्शन से परिपूर्ण एक सांस्कृतिक आयोजन है। हम सभी को इस ऐतिहासिक नाट्य प्रस्तुति का आनंद लेने के लिए सभी को उपस्थित होना चाहिए।