रायपुर

एनआईटी रायपुर में जनजातीय जीवन एवं तकनीकी पर विशेषज्ञ व्याख्यान

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जन जातीय गौरव वर्षके अंतर्गत जनजातीय आजीविका एवं पारंपरिक जनजातीय तकनीकी विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम का संचालन और स्वागत संबोधन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीना मुर्मू ने किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान और आदिवासी समाज की परंपराओं पर प्रकाश डाला। डॉ. रमना राव ने आदिवासी तकनीकियों की सस्टेनेबल प्रकृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ना आवश्यक है।

डॉ. एम. के. वर्मा ने कहा कि आदिवासी परंपराएँ प्रकृति के साथ सामंजस्य में हैं और उनसे सतत विकास के लिए प्रेरणा मिलती है। डॉ. विवेक कुमार ने जनजातीय आजीविका, पारंपरिक तकनीकी और संतुलित विकास पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पारंपरिक जनजातीय भोजन बासी पखालके पोषण महत्व और उन्नत भारत अभियान जैसी पहलों की भूमिका पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र और डॉ. सी. के. ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।